Lucknow : नाबार्ड से मिलने वाले बजट की परियोजनाओं की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न
इसके साथ ही, बैठक में उन विकास कार्यों की भी बारीकी से समीक्षा की गई जो अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं या जिनकी गति बेहद धीमी है। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए इन अटके हुए कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने और उनके खर्चों के
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) से मिलने वाले बजट द्वारा चलाई जा रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए वित्तीय वर्ष की पहली उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने पिछले वर्ष के कार्यों की प्रगति को बेहतर बताते हुए सभी संबंधित विभागों को आदेश दिया कि इस नए वित्तीय वर्ष में परियोजनाओं की प्राथमिकताओं को दोबारा तय करने, खर्च हुए पैसों के दावों और काम पूरा होने के प्रमाणपत्रों को समय पर नाबार्ड के पास भेजा जाए। उन्होंने नाबार्ड को निर्देश दिया कि वह विकास कार्य करने वाले विभागों के साथ मिलकर अपनी डिजिटल प्रणालियों को आपस में जोड़ें, ताकि आंकड़ों का आदान-प्रदान और परियोजनाओं की निगरानी का काम अधिक प्रभावी तरीके से हो सके। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को इस वर्ष की नई परियोजनाओं के प्रस्ताव मंजूरी के लिए जल्द से जल्द नाबार्ड को भेजने के निर्देश भी दिए।
इसके साथ ही, बैठक में उन विकास कार्यों की भी बारीकी से समीक्षा की गई जो अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं या जिनकी गति बेहद धीमी है। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए इन अटके हुए कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने और उनके खर्चों के दावे तुरंत पेश करने के निर्देश दिए। बैठक के समापन पर उन्होंने नाबार्ड और सरकारी विभागों को आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर मिलकर काम करने की जरूरत पर बल दिया। बैठक के दौरान नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों की कुल 2419 करोड़ रुपये की नई ग्रामीण विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी और अलग-अलग विभागों को 3000 करोड़ रुपये का कर्ज जारी किया गया था, जिसका इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान और वित्त विभाग की सचिव संदीप कौर सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष शामिल थे। वहीं नाबार्ड उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय की तरफ से मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और ग्रामीण विकास की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।
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