Lucknow : अमृत 2.0 योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 17 बड़ी विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी, पेयजल और सीवरेज तंत्र होगा मजबूत
बैठक में मंजूर की गई पेयजल योजनाओं के तहत मुख्य रूप से वाराणसी नगर निगम के बढ़े हुए इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें सिस वरुणा जलापूर्ति योजना के पहले चरण के तहत लहरतारा जोन और चितपुर जोन शामिल हैं। इसके साथ ही ओल्ड ट्रांस वरुणा जोन तथा ओल्ड सिस
उत्तर प्रदेश के शहरी इलाकों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लखनऊ में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विकास से जुड़ी 17 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट को हरी झंडी दे दी गई। इन सभी परियोजनाओं पर लगभग 5,565.39 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। स्वीकृत किए गए इन नए प्रस्तावों में 4 योजनाएं शुद्ध पेयजल की आपूर्ति से जुड़ी हैं, 10 योजनाएं सीवरेज प्रणाली को सुधारने के लिए हैं और 3 परियोजनाएं अमृत सरोवर यानी तालाबों के विकास से संबंधित हैं। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के लाखों नागरिकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
बैठक में मंजूर की गई पेयजल योजनाओं के तहत मुख्य रूप से वाराणसी नगर निगम के बढ़े हुए इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें सिस वरुणा जलापूर्ति योजना के पहले चरण के तहत लहरतारा जोन और चितपुर जोन शामिल हैं। इसके साथ ही ओल्ड ट्रांस वरुणा जोन तथा ओल्ड सिस वरुणा क्षेत्र में पानी की सप्लाई व्यवस्था को और अधिक बढ़ाने तथा नई लाइनें बिछाने के काम को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के पूरा हो जाने के बाद वाराणसी के लगभग 1.75 लाख परिवारों को उनके घरों में साफ और नियमित पानी का कनेक्शन मिल सकेगा। सीवरेज के क्षेत्र में भी वाराणसी के लहरतारा, दीनापुर, चितईपुर और लमही जोन सहित कई पुराने व नए इलाकों में सीवर लाइन बिछाने की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे करीब 3 लाख घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
वाराणसी के अलावा गोरखपुर में गोड़धोइया नाले को व्यवस्थित करने के दूसरे चरण के काम को मंजूरी दी गई है। आगरा के धांधुपुरा में आधुनिक तकनीक पर आधारित 100 एमएलडी क्षमता वाले नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण और मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में पुराने प्लांट को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने के प्रस्ताव को भी पास किया गया है। जल संरक्षण के तहत बुलंदशहर, सुल्तानपुर और बाराबंकी जिलों के तीन प्रमुख तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी स्वीकृत कार्यों को तय समय के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ जल्द मिल सके। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद और जल निगम के प्रबंध निदेशक रवीन्द्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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