Sambhal : केरल-तमिलनाडु की जीत से गदगद मुस्लिम लीग, यूपी में कांग्रेस संग गठबंधन और 30% आरक्षण की उठाई मांग

बैठक में जिला अध्यक्ष जिया अशरफ ने कहा कि पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर यूपी में चुनावी मैदान में उतरेगी। वहीं डॉ. कलीम ने केरल और तमिलनाडु में मिली “बम्पर जीत” को मुस्लिम लीग की बड़ी सफलता बताते हुए इसे कार्यकर्ताओं के

May 20, 2026 - 22:07
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Sambhal : केरल-तमिलनाडु की जीत से गदगद मुस्लिम लीग, यूपी में कांग्रेस संग गठबंधन और 30% आरक्षण की उठाई मांग
Sambhal : केरल-तमिलनाडु की जीत से गदगद मुस्लिम लीग, यूपी में कांग्रेस संग गठबंधन और 30% आरक्षण की उठाई मांग

Report : उवैस दानिश, सम्भल

सम्भल में इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग की बैठक में पार्टी नेताओं ने केरल और तमिलनाडु में मिली राजनीतिक बढ़त पर खुशी जताते हुए मिठाई बांटी और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। कोतवाली सम्भल क्षेत्र के मोहल्ला फत्तेहउल्लाह सराय दरवाजा स्थित कलीम अशरफ के आवास पर आयोजित बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना कौसर हयात खान ने साफ कहा कि मुस्लिम लीग अब उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है और 2027 विधानसभा चुनाव गठबंधन के साथ लड़ने की रणनीति बनाई जा रही है।

बैठक में जिला अध्यक्ष जिया अशरफ ने कहा कि पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर यूपी में चुनावी मैदान में उतरेगी। वहीं डॉ. कलीम ने केरल और तमिलनाडु में मिली “बम्पर जीत” को मुस्लिम लीग की बड़ी सफलता बताते हुए इसे कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम बताया। मीडिया से बातचीत में मौलाना कौसर हयात खान ने उत्तर भारत में मुस्लिम लीग के कमजोर प्रदर्शन के लिए “नफरत की राजनीति” को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुस्लिम लीग ही नहीं, बल्कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसी पार्टियां भी इसी माहौल का शिकार हुई हैं।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर भारत में खास तबके द्वारा समाज में नफरत फैलाई जा रही है, जिससे विपक्षी दल कमजोर हुए हैं। मौलाना कौसर हयात खान ने यह भी कहा कि मुस्लिम लीग यूपी में कांग्रेस के साथ गठबंधन में रहेगी और इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। उन्होंने यूपी में मुसलमानों के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की मांग उठाते हुए कहा कि मुसलमानों को सिर्फ टिकट और मंत्री पद नहीं, बल्कि पुलिस, प्रशासन और सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज वाले बयान पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि मुख्यमंत्री की भाषा “पद की गरिमा के अनुरूप नहीं” है। वहीं भोजशाला मामले, वंदे मातरम और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी उन्होंने खुलकर विरोध जताया। बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और 2027 चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया गया।

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