Ballia: इमरजेंसी सेवाओं को छोड़ जिले भर के मेडिकल स्टोर रहे बंद, भटकते रहे मरीज।
ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को घोषित हड़ताल का जिले भर में व्यापक असर देखने को
Report-Syed Asif Hussain zaidi
बलिया। ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को घोषित हड़ताल का जिले भर में व्यापक असर देखने को मिला। पूरे जनपद में दवा की दुकानों के ताले नहीं खुले जिसकी वजह से मरीजों व उनके तीमारदारों को भटकते देखा गया। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) के नेतृत्व में दवा व्यापारियों ने दोपहर 12 बजे शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। टाउन हॉल से शुरू हुआ जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां व्यापारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और बीसीडीए के अध्यक्ष आनंद सिंह व महामंत्री बब्बन यादव की अगुवाई में जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा।
बंदी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर जिले की लगभग सभी मेडिकल दुकानें बंद रहीं। दवा लेने पहुंचे मरीज दिनभर एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकते नजर आए लेकिन ये दुकानें बंद मिलीं।खासकर बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को अधिक कठिनाई हुई।
कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी को ज्ञापन देते समय दवा व्यापारियों ने कहा कि बिना उचित जांच के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है। उन्होंने सरकार से ई-फार्मेसी पर सख्त नियंत्रण लगाने और दवा व्यवसायियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संगठन ने जीएसआर 220 अधिसूचना को भी रद्द करने की मांग की जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान लागू किया गया था। संगठन का तर्क है कि महामारी के दौरान फार्मासिस्ट ही दवाइयों के एकमात्र प्रदाता थे।
जुलूस में अनिल तिवारी, वरुण तिवारी, राजेश सिंह, अहसन शहनवाज़, प्रमोद वर्मा, मनोज श्रीवास्तव, प्रखर गोयल, संदीप अग्रवाल, संजय कुमार, हाजी मुमताज समेत सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की।
उधर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदी का व्यापक असर रहा।
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