IPL 2026 में गेंदबाजों पर बरसे रन, सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले टॉप-5 में अर्शदीप सिंह समेत तीन भारतीय शामिल
गेंदबाजों के इस बेहद खर्चीले प्रदर्शन के पीछे इम्पैक्ट प्लेयर नियम और पिचों के अत्यधिक बल्लेबाजी-अनुकूल स्वरूप को भी एक मुख्य कारण माना जा रहा है। खेल के इस नियम के चलते टीमों के पास निचले क्रम तक बल्लेबाजी के गहरे विकल्प मौजूद रहते हैं, जिससे शीर्ष क्रम के
- बल्लेबाजों की मददगार पिचों पर बेअसर साबित हुई गेंदबाजों की रणनीतियां, रन खर्च करने के मामले में कई दिग्गजों के आंकड़े बेहद निराशाजनक
- पंजाब किंग्स के अर्शदीप सिंह और चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज की इकोनॉमी ने बढ़ाई फ्रेंचाइजी की चिंता, आंकड़े बयां कर रहे कहानी
इन्डियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का मौजूदा सीजन अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है, और इस बार का टूर्नामेंट गेंदबाजों के लिए किसी बेहद डरावने सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। टी20 क्रिकेट के इस महाकुंभ में जहां एक तरफ बल्लेबाज नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और चौकों-छक्कों की आतिशबाजी से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गेंदबाजों को विकेट बचाने और रन गति पर अंकुश लगाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। इस सीजन में पिचों का मिजाज और बल्लेबाजों का आक्रामक रुख कुछ ऐसा रहा है कि कई स्थापित और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ पूरी तरह से बिगड़ी हुई नजर आई है। अब तक खेले गए मैचों के आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह बात साफ हो गई है कि इस साल सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले शीर्ष पांच गेंदबाजों की सूची में स्टार तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह सहित तीन भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं, जो घरेलू क्रिकेट और राष्ट्रीय टीम के चयन के दृष्टिकोण से एक विचारणीय विषय बन गया है।
इस सीजन में बल्लेबाजों की मददगार पिचों और छोटे बाउंड्री वाले मैदानों पर गेंदबाजों की रणनीतियां पूरी तरह से बेअसर दिखाई दी हैं। टी20 प्रारूप में पावरप्ले और डेथ ओवरों के दौरान होने वाले आक्रामक प्रहारों के चलते गेंदबाजों की इकोनॉमी रेट में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस टूर्नामेंट में गेंदबाजी का स्तर इस कदर प्रभावित हुआ है कि जो गेंदबाज अपनी कसी हुई गेंदबाजी और सटीक यॉर्कर के लिए जाने जाते थे, वे भी विपक्षी टीम के बल्लेबाजों के सामने असहाय नजर आए हैं। गेंदबाजों द्वारा अपनी गति और विविधताओं में किए गए बदलावों को बल्लेबाजों ने बेहद आसानी से भांप लिया है, जिसके परिणामस्वरूप इस साल का IPL इतिहास के सबसे हाई-स्कोरिंग सीजनों की सूची में दर्ज होने की राह पर है।
अगर इस सीजन में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाजों की फेहरिस्त पर नजर डालें, तो पंजाब किंग्स के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का नाम इस अनचाही सूची में प्रमुखता से उभरा है। अर्शदीप सिंह ने इस सीजन में अब तक खेले गए 12 मुकाबलों की 46 ओवरों की गेंदबाजी में कुल 446 रन खर्च किए हैं, जो उनके पूरे IPL करियर के सबसे महंगे स्पेल में से एक साबित हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने केवल 13 विकेट हासिल किए हैं, लेकिन उनका इकोनॉमी रेट 9.7 के पार पहुँच गया है। पारी की शुरुआत और विशेष रूप से डेथ ओवरों में जब बल्लेबाजों ने उन पर बड़े प्रहार किए, तो वे अपनी लेंथ को नियंत्रित रखने में पूरी तरह नाकाम रहे, जिसने उनकी टीम के पूरे गेंदबाजी समीकरण को बिगाड़ कर रख दिया। IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पांच स्थानों पर नजर डालें तो पंजाब किंग्स के अर्शदीप सिंह के अलावा चेन्नई सुपर किंग्स के युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और गुजरात टाइटंस के कागिसो रबाडा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इस सीजन में अब तक अंशुल कंबोज ने 12 मैचों की 42.2 ओवरों की गेंदबाजी में 10.11 की बेहद महंगी इकोनॉमी से कुल 428 रन लुटाए हैं। वहीं गुजरात टाइटंस के प्रमुख विदेशी तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा ने भी 12 मैचों में 9.15 की इकोनॉमी से कुल 421 रन खर्च कर डाले हैं, जो टी20 प्रारूप में किसी भी शीर्ष गेंदबाज के लिए बेहद चिंताजनक आंकड़े माने जाते हैं।
इस अनचाही सूची में तीसरे भारतीय गेंदबाज के रूप में सनराइज़र्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज ईशन मलिंगा का नाम भी शामिल है, जिन्होंने इस सीजन में अपनी गति से प्रभावित तो किया लेकिन रनों के प्रवाह को रोकने में पूरी तरह विफल रहे। ईशन मलिंगा ने इस साल अब तक खेले गए 12 मैचों की 42.2 ओवरों की गेंदबाजी में 9.64 की इकोनॉमी रेट का सामना करते हुए कुल 408 रन विरोधी टीमों की झोली में डाल दिए हैं। हालांकि उन्होंने इस दौरान 16 महत्वपूर्ण विकेट जरूर चटकाए हैं, लेकिन उनकी महंगी गेंदबाजी ने कई मौकों पर उनकी टीम को भारी दबाव में ला दिया। भारतीय गेंदबाजों का यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि आधुनिक दौर की टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के आक्रामक फुटवर्क के सामने केवल गति या पारंपरिक स्विंग काफी नहीं है।
गेंदबाजों के इस बेहद खर्चीले प्रदर्शन के पीछे इम्पैक्ट प्लेयर नियम और पिचों के अत्यधिक बल्लेबाजी-अनुकूल स्वरूप को भी एक मुख्य कारण माना जा रहा है। खेल के इस नियम के चलते टीमों के पास निचले क्रम तक बल्लेबाजी के गहरे विकल्प मौजूद रहते हैं, जिससे शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बिना किसी डर के पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने का जोखिम उठाने में सक्षम हो पाते हैं। जब बल्लेबाजों को यह पता होता है कि उनके पीछे एक और स्थापित बल्लेबाज आने वाला है, तो वे गेंदबाजों की मानसिक शांति को भंग करने के लिए क्रीज का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। इस रणनीति ने गेंदबाजों को अपनी लाइन बदलने और शॉर्ट या फुल-लेंथ गेंदे फेंकने के लिए विवश किया है, जिसका फायदा उठाकर बल्लेबाजों ने जमकर रन बटोरे हैं।
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