बॉक्स ऑफिस पर 'धुरंधर 2' का महातांडव: 'गदर 2' का लाइफटाइम रिकॉर्ड ध्वस्त, अब 'छावा' के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी
वैश्विक स्तर पर फिल्म का प्रदर्शन चौंकाने वाला रहा है। खाड़ी देशों (Gulf Countries) में, जहाँ अक्सर जासूसी फिल्मों को लेकर कड़ा रुख अपनाया जाता है, वहां भी इस फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाजारों में भी 'धुरंधर 2' ने अब तक की शीर्ष
- रणवीर सिंह बने 'कमाई के सुल्तान'; धुरंधर की आंधी में उड़े बॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गज, 5 बड़े रिकॉर्ड्स किए अपने नाम
- 1000 करोड़ क्लब की ओर 'धुरंधर 2' के कदम; वैश्विक स्तर पर भारतीय जासूसी थ्रिलर का बजा डंका, हर तरफ सिर्फ जसकीरत की गूँज
'धुरंधर 2' की रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर जो हलचल शुरू हुई थी, उसने अब एक चक्रवात का रूप ले लिया है। फिल्म ने अपने शुरुआती तीन दिनों में ही घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 250 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था, जो किसी भी हिंदी फिल्म के लिए एक नया कीर्तिमान है। फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने 'गदर 2' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्म के एक दिन के सबसे ज्यादा कलेक्शन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर जो दीवानगी है, उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के कई हिस्सों में सुबह 4 बजे के शो भी हाउसफुल चल रहे हैं। फिल्म ने न केवल उत्तर भारत के हिंदी बेल्ट में बल्कि दक्षिण भारत के राज्यों में भी शानदार डब वर्जन के जरिए जबरदस्त पकड़ बनाई है।
इस फिल्म ने जो 5 बड़े रिकॉर्ड तोड़े हैं, उनमें 'फास्टेस्ट 500 करोड़' (सबसे तेज 500 करोड़) का रिकॉर्ड सबसे प्रमुख है। 'धुरंधर 2' ने महज 6 दिनों के भीतर वैश्विक स्तर पर 500 करोड़ का आंकड़ा छू लिया, जो पहले 'पठान' और 'जवान' जैसी फिल्मों के नाम था। इसके अलावा, फिल्म ने 'ओपनिंग डे' पर गैर-छुट्टी वाले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने का गौरव भी हासिल किया है। तीसरा बड़ा रिकॉर्ड ओवरसीज मार्केट का है, जहाँ अमेरिका और यूके में इस फिल्म ने किसी भी भारतीय फिल्म के मुकाबले पहले सप्ताहांत में 40% अधिक व्यापार किया है। चौथा रिकॉर्ड फिल्म की स्क्रीन ऑक्यूपेंसी का है, जो लगातार 10 दिनों तक 85% से ऊपर बनी हुई है। पांचवां और सबसे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड यह है कि फिल्म ने आईमैक्स (IMAX) फॉर्मेट में भारत की अब तक की सबसे सफल फिल्म होने का तमगा हासिल कर लिया है।
बॉक्स ऑफिस की इस दौड़ में अब 'धुरंधर 2' की सीधी टक्कर विक्की कौशल की आने वाली ऐतिहासिक फिल्म 'छावा' से मानी जा रही है। हालांकि 'छावा' एक अलग शैली की फिल्म है, लेकिन 'धुरंधर 2' की निरंतरता को देखते हुए ऐसा लगता है कि यह नई रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए स्क्रीन स्पेस कम कर देगी। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि 'धुरंधर 2' में वह क्षमता है कि यह आने वाले कई हफ्तों तक टिक सकती है, जिससे 'छावा' जैसी बड़ी फिल्मों के शुरुआती कलेक्शन पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, जसकीरत सिंह रंगी के किरदार में रणवीर सिंह का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है, और सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक केवल इसी फिल्म की चर्चा हो रही है। फिल्म 'धुरंधर 2' के बिजनेस मॉड्यूल में एक नया प्रयोग देखा गया है। फिल्म के निर्माताओं ने टिकटों की कीमतों को 'डायनामिक प्राइसिंग' मॉडल पर रखा है, जिससे वीकेंड पर कीमतें थोड़ी अधिक और वर्किंग डेज पर काफी कम रखी गईं। इस रणनीति ने मध्यम वर्गीय परिवारों को भी सिनेमाघरों तक बड़ी संख्या में आकर्षित किया है, जिसका सीधा असर फिल्म के कुल नेट कलेक्शन पर सकारात्मक रूप से दिखाई दे रहा है।
फिल्म की सफलता के पीछे इसके जबरदस्त एक्शन और वीएफएक्स (VFX) का बहुत बड़ा हाथ है। आदित्य धर ने उरी के बाद इस फिल्म में भी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है। फिल्म के फाइट सीक्वेंस और ड्रोन शॉट्स को जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्मों के बराबर रखा गया है, उसने युवा दर्शकों को प्रभावित किया है। विशेष रूप से क्लाइमैक्स का 20 मिनट का नॉन-स्टॉप एक्शन दृश्य, जहाँ जसकीरत अपनी टीम के साथ दुश्मन के अड्डे को तबाह करता है, उसे देखने के लिए दर्शक बार-बार सिनेमाघर लौट रहे हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर भी इसकी कमाई की रफ्तार बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ है, जो हर दृश्य के रोमांच को दोगुना कर देता है।
वैश्विक स्तर पर फिल्म का प्रदर्शन चौंकाने वाला रहा है। खाड़ी देशों (Gulf Countries) में, जहाँ अक्सर जासूसी फिल्मों को लेकर कड़ा रुख अपनाया जाता है, वहां भी इस फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाजारों में भी 'धुरंधर 2' ने अब तक की शीर्ष 3 बॉलीवुड फिल्मों में अपनी जगह बना ली है। फिल्म के वितरण अधिकार भी रिकॉर्ड कीमतों पर बेचे गए थे, और वितरकों ने रिलीज के दूसरे दिन ही अपना निवेश वसूल कर लिया था। अब जो भी कमाई हो रही है, वह शुद्ध लाभ की श्रेणी में आ रही है, जिससे इस फिल्म के निर्माताओं के लिए यह अब तक का सबसे सफल प्रोजेक्ट बन गया है।
फिल्म की स्टार पावर की बात करें तो रणवीर सिंह के अलावा उदयबीर संधू और संजय दत्त के किरदारों ने भी फिल्म को 'मास अपील' दी है। संजय दत्त का विलेन के रूप में खौफनाक अंदाज और उदयबीर संधू की फिजिकल फिटनेस ने फिल्म में वह तड़का लगाया है जो अक्सर बड़ी मसाला फिल्मों में गायब रहता है। फिल्म की पटकथा में जो भावनात्मक तत्व (Emotional Quotient) जोड़े गए हैं, विशेष रूप से जसकीरत का अपने देश और परिवार के प्रति प्रेम, उसने महिला दर्शकों और बुजुर्गों को भी फिल्म से जोड़ा है। यही कारण है कि यह फिल्म केवल युवाओं तक सीमित न रहकर एक 'फैमिली एंटरटेनर' बन गई है।
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