बढ़ती उम्र और लुक को लेकर सोशल मीडिया पर बेरहमी से ट्रोल हुईं टीवी अभिनेत्री रुबीना दिलैक, ट्रोल्स को दिया करारा जवाब

रुबीना ने रूढ़िवादी सामाजिक सोच पर कड़ा प्रहार करते हुए इस बात को समझाने का प्रयास किया कि उम्र का बढ़ना पूरी तरह से एक प्राकृतिक और जैविक प्रक्रिया है, जिसे कोई भी इंसान चाहकर भी नहीं रोक सकता। मनोरंजन जगत में अभिनेताओं की बढ़ती उम्र को जहां परि

By INA News Desk
May 17, 2026 - 11:09
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बढ़ती उम्र और लुक को लेकर सोशल मीडिया पर बेरहमी से ट्रोल हुईं टीवी अभिनेत्री रुबीना दिलैक, ट्रोल्स को दिया करारा जवाब
बढ़ती उम्र और लुक को लेकर सोशल मीडिया पर बेरहमी से ट्रोल हुईं टीवी अभिनेत्री रुबीना दिलैक, ट्रोल्स को दिया करारा जवाब

  • 'बुड्ढी हो गई है' और 'सर्जरी कराई है' जैसे भद्दे कमेंट्स पर अभिनेत्री ने तोड़ी चुप्पी, कहा- दूसरों की सोच पर मेरा नियंत्रण नहीं
  • बॉडी शेमिंग और अवास्तविक सौंदर्य मानकों के खिलाफ रुबीना दिलैक ने बुलंद की आवाज, मानसिक दृढ़ता की पेश की अनूठी मिसाल

टेलीविजन उद्योग की बेहद लोकप्रिय, प्रतिभावान और खूबसूरत अभिनेत्रियों में शुमार रुबीना दिलैक पिछले लंबे समय से अपनी बेहतरीन अदाकारी के दम पर करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज कर रही हैं। अपनी दमदार एक्टिंग से धारावाहिकों को सफल बनाने और अपने शानदार लुक्स से म्यूजिक वीडियोज में जलवा बिखेरने वाली रुबीना अक्सर चर्चा का विषय बनी रहती हैं। हालांकि, चकाचौंध से भरी इस ग्लैमरस दुनिया का एक स्याह पहलू यह भी है कि कलाकारों को अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी वजह के तीखी और असंवेदनशील टिप्पणियों का शिकार होना पड़ता है। हाल ही में रुबीना को भी इंटरनेट पर उम्र बढ़ने और उनके शारीरिक लुक को लेकर बुरी तरह निशाना बनाया गया, जहां कुछ लोगों ने उन्हें 'बुड्ढी' तक कह डाला। इस तरह की नकारात्मकता पर हमेशा चुप्पी साधे रहने के बजाय इस बार अभिनेत्री ने सामने आकर इन कड़वे अनुभवों पर खुलकर बात करने का फैसला किया है।

इस पूरे घटनाक्रम और सोशल मीडिया पर मिलने वाली कड़वाहट को लेकर रुबीना दिलैक ने हाल ही में दिए गए एक विस्तृत और विशेष साक्षात्कार में अपने मन के भीतर चल रहे संघर्ष को साझा किया। उन्होंने बिना किसी झिझक के उन सभी भद्दे कमेंट्स और लांछनों का जिक्र किया जो उन पर लगातार डिजिटल माध्यमों के जरिए लगाए जा रहे थे। अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें अक्सर इंटरनेट पर यह सुनने को मिलता है कि वह अब बूढ़ी हो चुकी हैं और उम्र के प्रभाव के कारण उनका चेहरा अजीब दिखने लगा है। इन टिप्पणियों की क्रूरता यहीं समाप्त नहीं होती, बल्कि लोग उनके प्राकृतिक शारीरिक और चेहरे के बदलावों को तरह-तरह की कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं से जोड़कर देखने लगते हैं, जो किसी भी संवेदनशील कलाकार के मानसिक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित कर सकता है।

साक्षात्कार के दौरान रुबीना ने समाज में फैले उन मिथकों और अफवाहों को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया जो उनके लुक्स को लेकर इंटरनेट पर फैलाई जा रही थीं। उन्होंने बताया कि ट्रोल्स द्वारा अक्सर यह दावा किया जाता है कि उन्होंने अपने चेहरे की चमक और युवावस्था को जबरन बनाए रखने के लिए बोटॉक्स इंजेक्शन का सहारा लिया है या फिर फेसलिफ्ट जैसी महंगी और जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं से गुजरी हैं। इसके अलावा उनकी शारीरिक बनावट पर टिप्पणी करते हुए बॉडी टोनिंग और कृत्रिम उपचार कराने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। इन सभी बेबुनियाद बातों को बेबाकी से सामने रखते हुए रुबीना ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि कैमरे के सामने रहने वाली महिलाओं को किस तरह के अमानवीय और अवास्तविक सौंदर्य मानकों के तराजू में तौला जाता है। रुबीना दिलैक ने इन सभी कड़वे अनुभवों का सामना करने के लिए एक बेहद परिपक्व और प्रेरणादायक रास्ता अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय तक आत्ममंथन करने के बाद उन्हें इस बात का गहरा अहसास हुआ है कि बाहरी दुनिया या सोशल मीडिया पर बैठे अनजान लोगों की संकीर्ण सोच और उनकी जुबान पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है। कोई उनके बारे में क्या सोचता है या क्या लिखता है, इसे बदला नहीं जा सकता; लेकिन उन भद्दे कमेंट्स पर स्वयं किस प्रकार की प्रतिक्रिया देनी है और उन्हें खुद पर कितना हावी होने देना है, यह पूरी तरह उनके अपने नियंत्रण में है। इसी आंतरिक शक्ति के बल पर उन्होंने नकारात्मकता को खुद से दूर रखने में सफलता पाई है।

रुबीना ने रूढ़िवादी सामाजिक सोच पर कड़ा प्रहार करते हुए इस बात को समझाने का प्रयास किया कि उम्र का बढ़ना पूरी तरह से एक प्राकृतिक और जैविक प्रक्रिया है, जिसे कोई भी इंसान चाहकर भी नहीं रोक सकता। मनोरंजन जगत में अभिनेताओं की बढ़ती उम्र को जहां परिपक्वता, अनुभव और अधिक सम्मान के दृष्टिकोण से देखा जाता है, वहीं अभिनेत्रियों के मामले में समाज का नजरिया पूरी तरह बदल जाता है। उनके चेहरे पर दिखने वाली उम्र की स्वाभाविक लकीरों को एक बड़ी विफलता या कमतरी के रूप में आंका जाने लगता है। रुबीना का मानना है कि इस तरह के दोहरे मापदंड न केवल फिल्म और टीवी उद्योग बल्कि आम कामकाजी महिलाओं के आत्मसम्मान को भी चोट पहुँचाते हैं, जिसके खिलाफ अब सामूहिक रूप से आवाज उठाना बेहद आवश्यक हो गया है।

इस बेहद चुनौतीपूर्ण और मानसिक रूप से थका देने वाले दौर से उबरने के लिए रुबीना ने खुद को कृत्रिम सौंदर्य के पीछे छिपाने के बजाय अपनी प्राकृतिक त्वचा और वास्तविक स्वरूप को पूरी सहजता के साथ अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने सोशल मीडिया की अस्वस्थ दुनिया से एक जरूरी दूरी बनाई और अपनी मानसिक शांति के लिए योग, ध्यान और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर गतिविधियों में खुद को व्यस्त किया। उन्होंने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी भारी मेकअप या फिल्टर के अपनी वास्तविक तस्वीरें साझा करके उन सभी आलोचकों को मौन संदेश दिया जो सुंदरता को केवल युवावस्था के संकीर्ण चश्मे से देखते हैं। उनके इस साहसिक और यथार्थवादी कदम को उनके सच्चे प्रशंसकों द्वारा बहुत बड़े पैमाने पर सराहा जा रहा है।

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