Saharanpur : सहारनपुर नगर निगम टेंडरों में ठेकेदारों की सांठगांठ की चर्चाएं तेज, धांधली के आरोप
दूसरी ओर, टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ महत्वपूर्ण टेंडरों के समय को बार-बार आगे बढ़ाया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह समयवृद्धि एक रसूखदार ठेकेदार के दबाव में कराई गई है ताकि सभी टेंडर एक ही समय पर करा
सहारनपुर नगर निगम में होने वाले करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के टेंडरों को लेकर ठेकेदारों के बीच चल रही खींचतान अब आपसी समझौते में बदलती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, शहर के एक चर्चित ठेकेदार के घर पर हाल ही में सभी बड़े ठेकेदारों की एक गुप्त बैठक हुई। इस बैठक में पुराने मनमुटाव भुलाकर आगामी टेंडरों को आपस में बांटने और मिलकर काम करने पर सहमति बनने की बात सामने आ रही है। नगर निगम में जल्द ही दो सौ से अधिक विकास कार्यों के टेंडर होने हैं, जिसे देखते हुए ठेकेदारों ने एकजुट होकर टेंडर पूल करने और आपस में तालमेल बिठाने की रणनीति बनाई है। बताया जा रहा है कि जिन दो बड़े ठेकेदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, उनके बीच भी अब समझौता हो गया है, जिसके बाद से निगम के टेंडरों को लेकर बाजार में चर्चाएं गर्म हैं।
दूसरी ओर, टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ महत्वपूर्ण टेंडरों के समय को बार-बार आगे बढ़ाया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह समयवृद्धि एक रसूखदार ठेकेदार के दबाव में कराई गई है ताकि सभी टेंडर एक ही समय पर कराए जा सकें। यह भी चर्चा है कि इस ठेकेदार ने अधिकारियों पर दबाव बनाकर पूरे सिस्टम को प्रभावित कर लिया है और विरोध करने वाले अन्य ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कराने या उनका भुगतान रुकवाने की धमकियां दी जा रही हैं। इसके अलावा, विभागीय स्तर पर टेंडर पास कराने के बदले निश्चित प्रतिशत तय होने के आरोप भी लग रहे हैं। यदि इन बातों में सच्चाई है, तो इससे सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान होगा और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ेगा। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं।
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