Hathras : ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में सासनी का खुदरा बाजार बंद, अस्पतालों के खुले रहने से मरीजों को मिली राहत
ऑनलाइन दवा व्यापार के बढ़ते चलन के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के तहत सासनी क्षेत्र का खुदरा दवा बाजार पूरी तरह बंद रहा। दवा व्यापारियों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किए गए इस बंद के कारण मरीजों के तीमारदारों को दवा खरीदने के लिए काफी दिक्कतों का सामना क
ऑनलाइन दवा व्यापार के बढ़ते चलन के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के तहत सासनी क्षेत्र का खुदरा दवा बाजार पूरी तरह बंद रहा। दवा व्यापारियों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किए गए इस बंद के कारण मरीजों के तीमारदारों को दवा खरीदने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली। दवा बाजार बंद रखने वाले व्यापारियों का तर्क है कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की अनियंत्रित बिक्री न केवल उनके पारंपरिक कारोबार को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि इससे आम जनता के स्वास्थ्य को भी गंभीर खतरा है। व्यापारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि ऑनलाइन दवाओं की आपूर्ति से बाजार में नकली और खराब गुणवत्ता वाली दवाएं आने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अपने कारोबार को बचाने के लिए ही व्यापारियों को इस आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है।
इस बीच, बंद के दौरान मरीजों और आम जनता को होने वाली परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही पुख्ता इंतजाम कर लिए थे। राहत की बात यह रही कि अस्पतालों और नर्सिंग होम के अंदर चलने वाले सभी दवा काउंटरों को इस बंद से बाहर रखा गया था। इसके अलावा, डॉक्टरों के निजी क्लीनिकों के भीतर मौजूद दवा की दुकानें भी खुली रहीं, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को जरूरी दवाएं आसानी से मिल सकें। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि दवा व्यापारियों के एक गुट ने बाजार बंद रखने का फैसला किया था। हालांकि, इस फैसले को लेकर स्थानीय दुकानदारों में मिली-जुली राय भी देखने को मिली, जहां कुछ लोग इसके पक्ष में दिखे तो कुछ असमंजस में नजर आए।
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