Balrampur : विकास की नई लहर, आध्यात्म के साथ औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा जिला
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव आए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज और नए विश्वविद्यालय के बनने से अब स्थानीय लोगों को पढ़ाई और इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। आर्थिक क्षेत्र में 'एक जिला एक उत्पाद' योजना के तहत यहाँ की मसूर दाल ज
माँ पाटेश्वरी की कृपा से सिंचित बलरामपुर जिला आज उत्तर प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी चमक बिखेर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह सीमावर्ती जिला पिछड़ेपन को पीछे छोड़ते हुए पूर्वांचल के विकास का मुख्य केंद्र बन गया है। 24,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश और आधुनिक बुनियादी ढांचे के दम पर बलरामपुर अब राप्ती नदी के किनारे एक बड़े औद्योगिक इंजन की तरह काम कर रहा है। जिले की आध्यात्मिक पहचान, माँ देवीपाटन मंदिर, अब 50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे भव्य कॉरिडोर के जरिए नई दिव्यता प्राप्त कर रही है, जिससे स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी काफी लाभ मिल रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव आए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज और नए विश्वविद्यालय के बनने से अब स्थानीय लोगों को पढ़ाई और इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। आर्थिक क्षेत्र में 'एक जिला एक उत्पाद' योजना के तहत यहाँ की मसूर दाल जर्मनी और दुबई जैसे विदेशी बाजारों तक पहुँच रही है, जिससे जिले को सालाना 200 करोड़ रुपये का निर्यात लाभ हो रहा है। यातायात को बेहतर बनाने के लिए 515 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड बनाई जा रही है और प्रस्तावित सिक्स-लेन एक्सप्रेस-वे जिले को सीधे दिल्ली से जोड़ेगा। इन सुविधाओं और बेहतर कानून-व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा जीता है, जिससे आने वाले समय में यहाँ हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
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