Sambhal : वोट बंटा तो हार तय! बर्क का बड़ा बयान- AIMIM की एंट्री से सम्भल में सियासी भूचाल
उन्होंने दावा किया कि 90 फीसदी मुसलमान समाजवादी पार्टी के साथ हैं और वोटों का बंटवारा नहीं होना चाहिए। खास तौर पर All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) की संभावित एंट्री को लेकर उन्होंने चेतावनी दी
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता और सपा नेता मौलाना ममलूकुर्रहमान बर्क के बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
मौलाना बर्क ने कहा कि “नफरत की राजनीति को रोकने के लिए सपा को वोट देना जरूरी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में मुस्लिम समुदाय के साथ अन्याय हो रहा है और दाढ़ी-टोपी देखकर मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं हो रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “मुसलमान सब्र से काम ले रहा है, लेकिन उसकी बेटियों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाएं चिंता का विषय हैं।” उन्होंने दावा किया कि 90 फीसदी मुसलमान समाजवादी पार्टी के साथ हैं और वोटों का बंटवारा नहीं होना चाहिए। खास तौर पर All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) की संभावित एंट्री को लेकर उन्होंने चेतावनी दी कि भले ही पार्टी यूपी में मजबूत स्थिति में न हो, लेकिन कुछ सीटों पर सपा का खेल बिगाड़ सकती है।
वहीं, सम्भल सीट पर खुद मौलाना बर्क ने सपा से टिकट की दावेदारी भी जताई है। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि जैसे पहले एसटी हसन का टिकट कटा था, उसी तरह इस बार सात बार के विधायक इकबाल महमूद का टिकट भी कट सकता है। इधर सपा खेमे में AIMIM की एंट्री को लेकर चिंता साफ नजर आ रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि अगर मुस्लिम वोटों में बिखराव हुआ तो इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है। अब बड़ा सवाल यही है—क्या AIMIM की एंट्री सम्भल में सपा का समीकरण बिगाड़ेगी, या फिर सपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को बचाने में कामयाब रहेगी? 2027 की यह सियासी जंग फिलहाल और भी दिलचस्प होती जा रही है।
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