Sambhal : UCC पर बर्क का बड़ा बयान- धार्मिक आज़ादी पर जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं, सरकार हठधर्मिता छोड़े
बर्क ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी एक धर्म की व्यवस्था को दूसरे धर्म पर थोपना बिल्कुल भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हर धर्म के अपने अलग-अलग व्यक्तिगत कानून हैं, जिनका लोग पालन करते हैं, ऐसे में धार्मिक कानूनों को एक करने
Report : उवैस दानिश, सम्भल
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारत एक संवैधानिक देश है, न कि धार्मिक, और संविधान का अनुच्छेद 25 सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने और उसके अनुसार जीवन जीने की पूरी आज़ादी देता है।
बर्क ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी एक धर्म की व्यवस्था को दूसरे धर्म पर थोपना बिल्कुल भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हर धर्म के अपने अलग-अलग व्यक्तिगत कानून हैं, जिनका लोग पालन करते हैं, ऐसे में धार्मिक कानूनों को एक करने का कोई औचित्य नहीं बनता। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के समर्थन में बोलते हुए बर्क ने कहा कि यह सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि शरीयत कानून से जुड़ा एक अहम हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक सोच को जबरदस्ती मुसलमानों पर थोपना चाहती है, जो कि मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। सपा सांसद ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर अपनी “हठधर्मिता” छोड़े और देश के सभी नागरिकों को उनकी धार्मिक स्वतंत्रता के साथ जीने का अधिकार बनाए रखे।
What's Your Reaction?









