Sitapur : एम्बुलेंस की लापरवाही और तकनीकी औपचारिकता के चक्कर में दो घायल युवकों ने तोड़ा दम
जब तक घायल जिला अस्पताल पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने किशोर व गोविंद को मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार गंभीर मरीजों को बिना किसी तकनीकी औपचारिकता के तुरंत भेजा जाना चाहिए, लेकिन इस घटना ने
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग और सरकारी एम्बुलेंस सेवा की बड़ी संवेदनहीनता सामने आई है। समय पर इलाज न मिलने और कागजी प्रक्रिया के फेर में दो घायल युवकों की जान चली गई। बिसवां-अटवा मार्ग पर हुए भीषण हादसे में बकैनिया निवासी किशोर (30 वर्ष), नौशहरा निवासी गोविंद (30 वर्ष) और मिथुन नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नैमिषारण्य पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
आरोप है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को जिला अस्पताल ले जाने के लिए जब सरकारी एम्बुलेंस बुलाई गई, तो उसके चालक ने "डेटा जनरेट" न होने का बहाना बनाकर मरीजों को ले जाने से मना कर दिया। घायल तड़पते रहे और पीड़ित परिवार के लोग मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन एम्बुलेंस आधे घंटे तक अस्पताल परिसर में ही खड़ी रही। मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय समाजसेवियों और पत्रकारों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखरंजन से संपर्क किया। उच्चाधिकारियों के कड़े निर्देश और हस्तक्षेप के बाद ही एम्बुलेंस को जिला अस्पताल के लिए रवाना किया जा सका।
जब तक घायल जिला अस्पताल पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने किशोर व गोविंद को मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार गंभीर मरीजों को बिना किसी तकनीकी औपचारिकता के तुरंत भेजा जाना चाहिए, लेकिन इस घटना ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है और पीड़ित परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही को ही मौत का जिम्मेदार बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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