Sambhal: किसानों का हुंकार! मक्का खरीद, बिजली और ब्याज छूट को लेकर भाकियू ने सौंपा ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की। जिला महासचिव चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सम्भल क्षेत्र आलू, धान, गन्ना और मक्का उत्पादन का बड़ा केंद्र है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ नहीं मिल रहा।
उन्होंने मांग की कि असमोली चीनी मिल बाहर से मक्का खरीदने के बजाय सीधे सम्भल के किसानों से मक्का खरीदे, जैसे मिल गन्ने की खरीद करती है। इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। भाकियू ने बिजली और सिंचाई से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। संगठन का कहना है कि मध्य गंगा नहर के संभल माइनर पर आज तक रास्ता नहीं बना है, जबकि अन्य रजवाहों पर सड़कें मौजूद हैं। रास्ता न होने से किसानों को खेतों तक आने-जाने और कृषि कार्य में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में सहकारी समितियों और जिला सहकारी बैंक पर भी सवाल उठाए गए। किसानों का आरोप है कि पिछले वर्ष 7 प्रतिशत ब्याज पर जमा किए गए ऋण पर सरकार की 4 प्रतिशत ब्याज छूट अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंची, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अलावा हसनपुर चीनी मिल से जुड़े क्षेत्र के किसानों के साथ भेदभाव का आरोप भी लगाया गया। भाकियू का कहना है कि समिति अमरोहा जनपद में होने के कारण वहां के किसानों को लाभ मिलता है, जबकि सम्भल के किसान इस सुविधा से वंचित रह जाते हैं। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
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