Sambhal: 7 किलोमीटर लंबी 'गुम' महिष्मती नदी को मिलेगा नया जीवन, जेसीबी से शुरू हुआ पुनरुद्धार अभियान
वर्षों से सिर्फ सरकारी अभिलेखों और लोगों की यादों में दर्ज महिष्मती (भैंस) नदी को फिर से जीवित करने की कवायद शुरू
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: वर्षों से सिर्फ सरकारी अभिलेखों और लोगों की यादों में दर्ज महिष्मती (भैंस) नदी को फिर से जीवित करने की कवायद शुरू हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार से तहसील प्रशासन ने जेसीबी मशीनों के साथ नदी के पुनरुद्धार अभियान का शुभारंभ कर दिया। अभियान की शुरुआत रसूलपुर सराय क्षेत्र से हुई, जहां नदी की खुदाई का कार्य तेज़ी से शुरू कराया गया।
तहसीलदार सम्भल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि महिष्मती नदी का मौके पर अब कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं बचा है। वर्षों के अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण नदी पूरी तरह समाप्त हो चुकी थी। अब प्रशासन इसे दोबारा उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए अभियान चला रहा है। उन्होंने बताया कि यह पुनरुद्धार कार्य हग्गूपुरा से चंदायन तक लगभग 7 किलोमीटर लंबे हिस्से में किया जाएगा। पहले चरण में रसूलपुर सराय से खुदाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि करीब 15 दिनों के भीतर पूरे कार्य को पूरा कर लिया जाए। इस अभियान के लिए उपजिलाधिकारी कार्यालय की ओर से राजस्व कर्मियों की विशेष टीम गठित की गई है। टीम के साथ पुलिस बल और जेसीबी मशीनों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि किसी प्रकार की बाधा न आए और कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। प्रशासन का मानना है कि महिष्मती नदी के पुनर्जीवित होने से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी, भूजल स्तर को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के पर्यावरण के साथ-साथ किसानों को भी इसका दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। यह अभियान सम्भल में प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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