एनडीआरएफ और प्रशासनिक टीमों ने नदी में फंसे 5 लोगों और मवेशियों को सुरक्षित निकाला
मानसून के दस्तक देते ही आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागों के आपसी समन्वय को परखने के लिए एसडीम डॉ अमृता शर्मा ने कहा
ब्यूरो चीफ: आमिर हुसैन
बाजपुरl मानसून के दस्तक देते ही आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागों के आपसी समन्वय को परखने के लिए एसडीम डॉ अमृता शर्मा ने कहा नैनीताल रोड स्थित लेवड़ा नदी के पुल में दरारें पड़ गई है और टूटने की कगार पर है तुरंत ही एनडीआरएफ और प्रशासन की सभी टीमें दौड़ीl जिसमें मॉकड्रिल के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने 5 लोगों और मवेशियों को सुरक्षित निकाला lएसडीम डॉ. अमृता शर्मा की देखरेख में आयोजित इस अभ्यास में स्वास्थ्य, विद्युत, लोनिवि, जल संस्थान l सिंचाई विभाग और पुलिस समेत तमाम विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तहसील मुख्यालय में एकजुट हुए।
मॉक ड्रिल के दौरान एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा को अचानक फोन पर सूचना मिली हल्द्वानी रोड स्थित लेवड़ा नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है और तेज बहाव के कारण नदी के किनारे दरार आ गई है। सूचना मिलते ही एसडीएम ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी विभागों की रेस्क्यू टीमों को अलर्ट किया और गदरपुर से आई एनडीआरएफ की टीम को तत्काल मौके के लिए रवाना किया। सूूचना मिलते ही एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत सामग्री के साथ लेवड़ा नदी पर पहुंचीं। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से पुल के दोनों ओर के रास्तों को तुरंत बंद कर दिया। नदी के तेज बहाव के बीच फंसे 5 लोगों को एनडीआरएफ के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए लोगों को एम्बुलेंस की मदद से फौरन राहत कैंप पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। इनमें से दो लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर करने का अभ्यास किया गया। नदी में फंसी दो बकरियों को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर पशु चिकित्सक से उनका उपचार कराया गया। वहीं,पुल के नीचे फंसी एक कार को क्रेन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान प्रशासन की ओर से प्रभावितों के लिए फूड पैकेट भी वितरित किए गए।सफलतापूर्वक रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद लोनिवि की टीम ने पुल की मरम्मत का कार्य किया। एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस मॉकड्रिल का आयोजन किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी वास्तविक आपदा के समय विभागों की तैयारियों और रिस्पॉन्स टाइम को परखना था। उन्होंने क्षेत्र की जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बाजपुर पूरी तरह सुरक्षित है, फिर भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन 24 घंटे मुस्तैद और जनता के साथ खड़ा हैlइस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन और मॉकड्रिल में सीएमओ डॉ. शैलेश चैधरी, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रोहताश मिश्रा, इंस्पेक्टर भास्कर मेंधी, इंस्पेक्टर राम पंकज, इंस्पेक्टर सुशील कुमार.वीडीओ शेखर जोशी.सीओ अखिलेश कुमार समेत गदरपुर एनडीआरएफ के 27 जवानों की टीम और विभिन्न विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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