नदियों के बढ़ते जलस्तर से किनारे बसे गांवों में दहशत, फसलों के नुकसान और कटान का खतरा।

Hardoi News: जलस्तर बढ़ने से नदियां अपने विकराल रूप में आने लगी हैं,जिससे किनारे बसे गांवों के निवासियों की फसल नष्ट होने एवं नदी किनारे कटान ...

Aug 7, 2025 - 15:37
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नदियों के बढ़ते जलस्तर से किनारे बसे गांवों में दहशत, फसलों के नुकसान और कटान का खतरा।
नदियों के बढ़ते जलस्तर से किनारे बसे गांवों में दहशत, फसलों के नुकसान और कटान का खतरा।

रिपोर्ट- अभिषेक त्रिवेदी अरवल

अरवल/हरदोई। जलस्तर बढ़ने से नदियां अपने विकराल रूप में आने लगी हैं,जिससे किनारे बसे गांवों के निवासियों की फसल नष्ट होने एवं नदी किनारे कटान होने का खतरा बढ़ गया है। आपको बता दें कि अरवल थाना क्षेत्र पांच नदियों से घिरा हुआ है, जो गर्रा,गंभीरी नीलम, कुंडा एवं गंगा हैं। इन नदियों से क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है, जिसका फर्क यहां के निवासियों सहित फसलों एवं आम जनजीवन तथा पशुओं पर काफी हद तक पड़ता है, जिस कारण इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित होती है।

जलस्तर बढ़ने से जहां एक और नदियों के किनारे बसे गांवों में कटान होने लगता है, वहीं दूसरी और गांवों में पानी घुस जाने से आमजन एवं पशुओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विद्युत व्यवस्था चरमरा जाने से दैनिक दिनचर्या तो प्रभावित होती ही है साथ ही काम धंधे भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। पानी खेतों में भर जाने से फसलें भी नष्ट हो जाती हैं, जिससे किसानों को आगामी फसल की तैयारी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को बाढ़ से बचाने के लिए संभावित तैयारियां तो कर ली गई है परंतु प्रतिवर्ष की बात बाढ़ की विभीषिका से बच पाना एक गंभीर विषय है। अब देखना यह है की जलस्तर लगातार यूं ही बढ़ता रहता है या कम होने से लोगों को राहत प्रदान करता है।

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