44 साल पहले सिडनी के एक 10 वर्ग मीटर एरिया में बना था अटलांटियम साम्राज्य, आज हैं 3000 नागरिक।

Ajab Ghazab News: 44 साल पहले, 1981 में, ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी के एक उपनगर में तीन किशोर दोस्तों ने कुछ अनोखा करने का फैसला किया। उन्होंने अपने....

Aug 7, 2025 - 15:24
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44 साल पहले सिडनी के एक 10 वर्ग मीटर एरिया में बना था अटलांटियम साम्राज्य, आज हैं 3000 नागरिक।
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44 साल पहले, 1981 में, ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी के एक उपनगर में तीन किशोर दोस्तों ने कुछ अनोखा करने का फैसला किया। उन्होंने अपने घर के पिछवाड़े में 10 वर्ग मीटर की छोटी सी जमीन पर एक सीमा रेखा खींची और एक नए देश की घोषणा कर दी। इस देश का नाम उन्होंने अटलांटियम साम्राज्य रखा। तीनों दोस्तों ने मिलकर एक झंडा बनाया, इसे फहराया और इस छोटे से क्षेत्र को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया। आज, यह माइक्रोनेशन विश्व भर में लगभग 3000 नागरिकों का दावा करता है, हालांकि इसे किसी भी स्थापित देश ने मान्यता नहीं दी है।

  • अटलांटियम साम्राज्य की शुरुआत

1981 में, सिडनी के नारवी उपनगर में, 15 साल के जॉर्ज क्रूइकशैंक और उनके दो चचेरे भाई-बहन, ज्यॉफ्री जॉन डगन और क्लेयर मैरी कूल्टर ने मिलकर अपने घर के पिछवाड़े में एक 10 वर्ग मीटर की जमीन को अटलांटियम साम्राज्य का अस्थायी क्षेत्र घोषित किया। जॉर्ज को सम्राट जॉर्ज द्वितीय के रूप में चुना गया, और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया से स्वतंत्रता की एकतरफा घोषणा की। तीनों ने एक झंडा डिजाइन किया और इसे फहराकर अपने नए देश की स्थापना की। यह उस समय एक किशोर कल्पना थी, जो मस्ती और रचनात्मकता से प्रेरित थी।

हालांकि, शुरुआती उत्साह के बाद, 1990 तक, जब तीनों दोस्त विश्वविद्यालय की पढ़ाई पूरी कर अलग-अलग रास्तों पर चले गए, अटलांटियम की गतिविधियां ठप हो गईं। लेकिन जॉर्ज क्रूइकशैंक ने अपनी इस परियोजना को नहीं छोड़ा। 1999 में, उन्होंने सिडनी के पॉट्स पॉइंट उपनगर में एक 61 वर्ग मीटर का अपार्टमेंट खरीदा, जिसे उन्होंने अटलांटियम की दूसरी राजधानी, इम्पीरियम प्रॉपर, घोषित किया। 2008 में, उन्होंने न्यू साउथ वेल्स के बूरोवा के पास 0.76 वर्ग किलोमीटर की एक ग्रामीण जमीन खरीदी, जिसे कॉनकॉर्डिया नाम दिया गया। यह अटलांटियम की तीसरी और वर्तमान राजधानी है।

  • माइक्रोनेशन क्या है?

माइक्रोनेशन एक स्व-घोषित संप्रभु राज्य होता है, जो खुद को एक स्वतंत्र देश कहता है, लेकिन इसे किसी भी मान्यता प्राप्त देश या अंतरराष्ट्रीय संगठन द्वारा वैध नहीं माना जाता। माइक्रोनेशन कई कारणों से बनाए जाते हैं, जैसे कि राजनीतिक विरोध, रचनात्मक अभिव्यक्ति, या सिर्फ मनोरंजन के लिए। अटलांटियम को ऑस्ट्रेलिया में सबसे छोटे माइक्रोनेशनों में से एक माना जाता है, लेकिन इसकी वैश्विक उपस्थिति और विचारधारा इसे अनोखा बनाती है। ऑस्ट्रेलिया को माइक्रोनेशनों की राजधानी कहा जाता है, क्योंकि यहां दर्जनों माइक्रोनेशन मौजूद हैं, जिनमें से कुछ मजाकिया हैं, तो कुछ गंभीर उद्देश्यों के लिए बनाए गए हैं।

  • अटलांटियम की विशेषताएं

अटलांटियम ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जॉर्ज क्रूइकशैंक, जिन्हें सम्राट जॉर्ज द्वितीय के नाम से जाना जाता है, ने इस माइक्रोनेशन को एक वैश्विक, गैर-क्षेत्रीय संप्रभु इकाई के रूप में परिभाषित किया है। इसका मतलब है कि यह किसी भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों और मूल्यों पर आधारित है। अटलांटियम ने अपनी मुद्रा, सिक्के, डाक टिकट, और झंडे बनाए हैं। इसकी मुद्रा को इम्पीरियल सॉलिडी कहा जाता है, और 2006 और 2007 में इसके नोट जारी किए गए। 2011 में, अटलांटियम की 30वीं वर्षगांठ पर एक विशेष सिक्का भी जारी किया गया, जिसमें सम्राट जॉर्ज द्वितीय की तस्वीर और ऑस्ट्रेलियाई वेज-टेल्ड ईगल का चित्र था।

अटलांटियम ने एक अनोखा कैलेंडर सिस्टम भी अपनाया है, जिसमें साल को 10 महीनों में बांटा गया है। इसके अलावा, इसने विश्व भर में अनौपचारिक राजदूत नियुक्त किए हैं, जिन्हें इम्पीरियल लिगेट्स कहा जाता है। ये राजदूत अमेरिका, पाकिस्तान, भारत, इटली, और सिंगापुर जैसे देशों में हैं। अटलांटियम के पास लगभग 3000 नागरिक हैं, जो ज्यादातर ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से जुड़े हैं। ये नागरिक 100 से अधिक देशों से हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश ने कभी अटलांटियम की जमीन पर कदम नहीं रखा।

  • अटलांटियम का उद्देश्य

जॉर्ज क्रूइकशैंक अटलांटियम को एक प्रदर्शन कला परियोजना के रूप में देखते हैं, जो गंभीर सामाजिक और राजनीतिक संदेशों को हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत करती है। उनका कहना है कि राष्ट्र-राज्य की अवधारणा आधुनिक समय की देन है, और यह कई बार हिंसा और असमानता का कारण बनी है। अटलांटियम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक नागरिकता और बिना सीमाओं के स्वतंत्र आवाजाही को बढ़ावा देना है। यह माइक्रोनेशन गर्भपात के अधिकार, सहायता प्राप्त आत्महत्या, और धर्मनिरपेक्षता जैसे प्रगतिशील मुद्दों का समर्थन करता है।

जॉर्ज का मानना है कि अगर लोग बिना किसी सीमा के स्वतंत्र रूप से यात्रा कर सकें, तो यह विश्व में आर्थिक और सामाजिक असमानता को कम करने में मदद करेगा। वे कहते हैं, “मैं जानता हूं कि मैं कोई वास्तविक सम्राट नहीं हूं, लेकिन अगर लोग इसे सच मानते हैं, तो यह और वास्तविक हो जाता है।” उनके इस दृष्टिकोण ने अटलांटियम को एक अनोखी पहचान दी है।

अटलांटियम को किसी भी देश ने मान्यता नहीं दी है, और यह ऑस्ट्रेलियाई कानूनों के तहत संचालित होता है। जॉर्ज क्रूइकशैंक ऑस्ट्रेलिया में कर चुकाते हैं और अपने माइक्रोनेशन को ऑस्ट्रेलिया का हिस्सा मानते हैं। वे कहते हैं कि अटलांटियम का उद्देश्य कर चोरी या कानून तोड़ना नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक प्रयोग है। हालांकि, कुछ माइक्रोनेशनों ने गलतफहमियों का सामना किया है। कुछ लोग, जो कठिन परिस्थितियों से भाग रहे होते हैं, माइक्रोनेशनों की नागरिकता खरीद लेते हैं, यह सोचकर कि यह उन्हें वास्तविक देश की नागरिकता देगा। ऐसे मामलों में, अटलांटियम जैसे माइक्रोनेशन स्पष्ट करते हैं कि उनकी नागरिकता केवल प्रतीकात्मक है।

ऑस्ट्रेलिया में अटलांटियम जैसे कई माइक्रोनेशन हैं, जिनमें हट रिवर प्रिंसिपैलिटी सबसे प्रसिद्ध थी। हट रिवर ने 1970 में स्वतंत्रता की घोषणा की थी, लेकिन 2020 में कर विवादों के कारण इसे भंग कर दिया गया। ऑस्ट्रेलिया में माइक्रोनेशनों की संख्या अधिक होने के कारण इसे “माइक्रोनेशन कैपिटल” कहा जाता है। ऑस्ट्रेलिया की लोकतांत्रिक और उदार व्यवस्था के कारण यहां माइक्रोनेशन बनाने वालों को ज्यादा परेशानी नहीं होती, बशर्ते वे कानून का पालन करें।

अटलांटियम की राजधानी कॉनकॉर्डिया में एक चार मीटर ऊंचा पिरामिड है, जिसे कैपिटलाइन कॉलम कहा जाता है। यह समारोहों के लिए बनाया गया है और ऑस्ट्रेलिया में एकमात्र पिरामिड माना जाता है। इसके अलावा, अटलांटियम का प्रशासनिक भवन, जिसे गोल्डन हाउस कहा जाता है, Airbnb पर किराए के लिए उपलब्ध है। यह दुनिया का एकमात्र माइक्रोनेशन है, जो इस तरह की सुविधा प्रदान करता है। पर्यटक यहां आकर अटलांटियम की संस्कृति और इतिहास को करीब से देख सकते हैं। 

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