ग्रीस में खोजे गए 4,30,000 साल पुराने लकड़ी के औजारों ने प्राचीन मानव तकनीक की नई झलक दी, वैज्ञानिकों ने बताई उपयोग की संभावनाएं।

ग्रीस के दक्षिणी भाग में स्थित मेगालोपोलिस बेसिन में माराथौसा 1 नामक साइट पर खुदाई के दौरान दो लकड़ी के औजारों की खोज की गई है जो लगभग 430,000 साल

Jan 27, 2026 - 16:03
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ग्रीस में खोजे गए 4,30,000 साल पुराने लकड़ी के औजारों ने प्राचीन मानव तकनीक की नई झलक दी, वैज्ञानिकों ने बताई उपयोग की संभावनाएं।
ग्रीस में खोजे गए 4,30,000 साल पुराने लकड़ी के औजारों ने प्राचीन मानव तकनीक की नई झलक दी, वैज्ञानिकों ने बताई उपयोग की संभावनाएं।
  • मध्य प्लेइस्टोसीन काल के लकड़ी के हाथ से पकड़े जाने वाले औजार मिले, खुदाई स्टिक और छोटा टूल दिखाते हैं होमिनिन्स की सामग्री ज्ञान
  • मेगालोपोलिस बेसिन की झील किनारे वाली साइट पर मिले प्राचीन लकड़ी के टुकड़े, 40,000 साल पीछे धकेलते हैं लकड़ी के औजारों का रिकॉर्ड

ग्रीस के दक्षिणी भाग में स्थित मेगालोपोलिस बेसिन में माराथौसा 1 नामक साइट पर खुदाई के दौरान दो लकड़ी के औजारों की खोज की गई है जो लगभग 430,000 साल पुराने हैं और ये अब तक पाए गए सबसे पुराने लकड़ी के औजार माने जा रहे हैं। ये औजार मध्य प्लेइस्टोसीन काल के हैं जो करीब 774,000 से 129,000 साल पहले का समय है और इस साइट पर पहले से ही पत्थर के टुकड़े, जानवरों की हड्डियां जिनमें कट के निशान हैं तथा एक सीधे दांत वाले हाथी के अवशेष मिल चुके हैं जो दर्शाते हैं कि होमिनिन्स यहां बार-बार आते थे और बड़े जानवरों के शवों को पानी के पास संसाधित करते थे। इन औजारों की खोज से प्राचीन होमिनिन्स द्वारा लकड़ी का उपयोग करने की सबसे पुरानी प्रत्यक्ष साक्ष्य मिली है जो पहले के रिकॉर्ड से कम से कम 40,000 साल पीछे जाती है और ये दक्षिण-पूर्वी यूरोप से इस प्रकार के पहले प्रमाण हैं। औजारों का संरक्षण पानी से भरे हुए तलछटों में कम ऑक्सीजन की स्थिति के कारण हुआ जो क्षय को धीमा कर देती है और ये औजार एल्डर, विलो तथा पोप्लर जैसे पेड़ों से बने हैं जो गीले वातावरण में उगते हैं। इनकी जांच माइक्रोस्कोपिक परीक्षण से की गई जिसमें सतह के निशान, आंतरिक संरचना तथा लकड़ी की प्रजाति को देखा गया ताकि मानव द्वारा संशोधन को प्राकृतिक क्षति जैसे जड़ों, तलछट के दबाव या जानवरों की गतिविधि से अलग किया जा सके। इन औजारों के साथ-साथ लिथिक आर्टिफैक्ट्स, काम की गई हड्डियां तथा सीधे दांत वाले हाथी तथा अन्य जीवों के कटे हुए अवशेष मिले हैं जो साइट पर उपयोग की गई विभिन्न तकनीकों को दर्शाते हैं। इस खोज से प्राचीन होमिनिन्स की प्राकृतिक सामग्रियों के व्यापक ज्ञान तथा विभिन्न तकनीकी कौशलों का पता चलता है जो मध्य प्लेइस्टोसीन काल में झील किनारे के वातावरण में लकड़ी का उपयोग व्यावहारिक उद्देश्यों जैसे खुदाई तथा औजार उत्पादन के लिए करते थे।

माराथौसा 1 साइट मेगालोपोलिस बेसिन में एक पूर्व झील किनारे वाली जगह है जहां कोयला खदान के रूप में खुदाई होती रही है और यहां से निकले अवशेषों से पता चलता है कि यह जगह मध्य प्लेइस्टोसीन काल में पानी के पास थी जहां होमिनिन्स बड़े शिकार को संसाधित करने आते थे। साइट की गहरी परतों से ये लकड़ी के टुकड़े निकले हैं और इनकी उम्र साइट की उम्र से जुड़ी है जो लगभग 478,000 से 424,000 साल पहले की है। यहां पानी से भरे तलछटों ने इन औजारों को संरक्षित रखा है क्योंकि कम ऑक्सीजन की स्थिति में लकड़ी का क्षय धीमा हो जाता है और ये औजार गीले वातावरण में उगने वाले पेड़ों से चुने गए थे। साइट पर होमिनिन्स की गतिविधियों के प्रमाण के रूप में पत्थर के फ्लेक्स, जानवरों की हड्डियों पर कट मार्क्स तथा बड़े हाथी के अवशेष मिले हैं जो दर्शाते हैं कि यह जगह शिकार संसाधन के लिए उपयोगी थी। एक बड़े एल्डर ट्रंक पर गहरे समानांतर खरोंच तथा कुचली हुई फाइबर मिले हैं जो बड़े मांसाहारी जैसे भालू के पंजों से हुए क्षति को दर्शाते हैं और यह सुझाव देते हैं कि साइट पर होमिनिन्स तथा बड़े मांसाहारियों का सह-अस्तित्व था। इन खोजों से पता चलता है कि साइट पर विभिन्न सामग्रियों का उपयोग हो रहा था जिसमें पत्थर, हड्डी तथा लकड़ी शामिल हैं और ये औजार झील किनारे के वातावरण में व्यावहारिक कार्यों के लिए बनाए गए थे। साइट की स्थिति ऐसी है कि यहां त्वरित रूप से तलछट से दब जाने के कारण लकड़ी के अवशेष संरक्षित रह सके जबकि आमतौर पर लकड़ी जल्दी सड़ जाती है।

खोजे गए औजारों में पहला एक एल्डर लकड़ी का टुकड़ा है जो खुदाई स्टिक के रूप में व्याख्या किया गया है जिसमें पत्थर के औजारों से कट मार्क्स हैं तथा गोलाकार क्षेत्र मिट्टी के संपर्क से बने हैं जो गीली जमीन को ढीला करने या पौधों के भोजन निकालने के लिए उपयोग को दर्शाते हैं। यह स्टिक लगभग 80 सेंटीमीटर लंबी है और यह स्पिंडली आकार की है जो कीचड़ में खुदाई के लिए उपयुक्त लगती है। दूसरा औजार छोटा है जो विलो या पोप्लर लकड़ी का है जिसमें नक्काशीदार किनारे तथा चिकनाई है और यह उंगली से पकड़े जाने वाला औजार लगता है जो बारीक कार्यों जैसे पत्थर के फ्लेक्स को समायोजित करने के लिए उपयोग किया गया हो सकता है। इन औजारों की जांच में सीटी स्कैन तथा माइक्रोस्कोपिक विश्लेषण से आकार देने की पुष्टि हुई है और ये औजार छोटे टुकड़ों के रूप में हैं जिनमें काटने तथा नक्काशी के निशान हैं जो होमिनिन्स द्वारा आकार दिए जाने को दर्शाते हैं। तीसरा टुकड़ा एक बड़ा एल्डर ट्रंक का है जिसमें गहरे पंजे के निशान हैं जो कुचली फाइबर के साथ बड़े मांसाहारी द्वारा क्षति को दिखाते हैं। ये सभी टुकड़े दर्जनों लकड़ी के अवशेषों में से चुने गए हैं जिनकी व्यवस्थित जांच की गई जिसमें 144 लकड़ी के अवशेषों की形态 का अध्ययन किया गया। औजारों में मानव संशोधन को प्राकृतिक क्षति से अलग करने के लिए सतह के निशानों तथा आंतरिक संरचना का परीक्षण किया गया।

इन औजारों की उम्र सीधे तौर पर डेट नहीं की गई बल्कि साइट की मध्य प्लेइस्टोसीन परतों की डेटिंग से निर्धारित की गई है जो लगभग 430,000 साल पुरानी है। साइट की उम्र 478,000 से 424,000 साल पहले की है जो मध्य प्लेइस्टोसीन काल का हिस्सा है। यह उम्र साइट की गहरी परतों से निर्धारित की गई है जहां ये औजार मिले हैं और इनकी खोज से लकड़ी के हाथ से पकड़े जाने वाले औजारों का रिकॉर्ड कम से कम 40,000 साल पीछे धकेला गया है। संरक्षण की स्थिति ऐसी थी कि पानी से भरे तलछटों ने इन्हें बचा लिया और कम ऑक्सीजन ने क्षय को रोका। ये औजार सबसे पुराने लकड़ी के हाथ से पकड़े जाने वाले औजार हैं और इनकी उम्र साइट की उम्र से जुड़ी है। डेटिंग से पता चलता है कि ये मध्य प्लेइस्टोसीन काल के हैं जब होमिनिन्स यूरोप में सक्रिय थे। यह खोज लकड़ी के औजारों के उपयोग की सबसे पुरानी प्रत्यक्ष साक्ष्य प्रदान करती है।

ये औजार शुरुआती नीएंडरथल्स या उनके पूर्ववर्ती प्रजाति होमो हाइडेलबर्गेंसिस द्वारा बनाए गए लगते हैं क्योंकि होमो सेपियंस अफ्रीका में 300,000 साल पहले उभरे और यूरोप में उनके सबसे पुराने प्रमाण 210,000 साल पुराने हैं। साइट पर कोई मानव अवशेष नहीं मिले हैं इसलिए प्रजाति की निश्चितता नहीं है लेकिन ये शुरुआती मानव पूर्वज या अन्य समूह हो सकते हैं। ये औजार होमिनिन्स द्वारा आकार दिए गए हैं जो यूरोप में टूल बनाने की समयरेखा को पीछे धकेलते हैं और दर्शाते हैं कि ऐसी गतिविधियां होमो सेपियंस के आने से सैकड़ों हजार साल पहले हो रही थीं। होमिनिन्स की तकनीकी क्षमता का पता चलता है कि वे विविध सामग्रियों का उपयोग करते थे जैसे लकड़ी तथा हड्डी जो मूल्यवान थीं। ये खोजें दर्शाती हैं कि प्राचीन होमिनिन्स में परिष्कृत तकनीकी कौशल थे। प्रजाति की अनिश्चितता के बावजूद ये औजार शुरुआती नीएंडरथल्स या होमो हाइडेलबर्गेंसिस से जुड़े हैं। यह खोज प्राचीन मानव बुद्धि के पूर्व ऐतिहासिक मूल की जानकारी देती है।

इस खोज का महत्व यह है कि यह प्राचीन होमिनिन तकनीक के कम ज्ञात पहलू की जानकारी देती है और उत्तरजीविता के लिए उपयोग किए गए विविध औजारों को दर्शाती है। ये औजार साइट की क्षमता को दिखाते हैं जहां अधिक खोजें हो सकती हैं लेकिन इनकी व्याख्या चुनौतीपूर्ण है क्योंकि ये साधारण दिखते हैं और इनके उपयोग अज्ञात हैं। यह खोज प्राचीन होमिनिन तकनीकों की समझ को विस्तारित करती है और दर्शाती है कि लकड़ी के औजार उत्तरजीविता में भूमिका निभाते थे尽管 उनकी दुर्लभता क्षय के कारण है। ये प्रमाण दर्शाते हैं कि मध्य प्लेइस्टोसीन में व्यापक सामग्री ज्ञान तथा विविध कौशल थे। संरक्षण तथा कार्य से प्राचीन होमिनिन की अनुकूलनशीलता का पता चलता है। यह खोज यूरोप में पुराने ऑर्गेनिक आर्टिफैक्ट्स की कमी को समझाती है जो खराब संरक्षण या पहचान की कठिनाइयों के कारण है। आगे प्रमाण अप्रयुक्त साइटों या संग्रहालय संग्रहों में मिल सकते हैं।

साइट पर मिले अन्य प्रमाणों में एक 500,000 साल पुराना हाथी या मैमथ की हड्डी से बना हथौड़ा शामिल है जो चार इंच लंबा त्रिकोणीय है तथा ताजा अवस्था में बनाया गया लगता है जिसमें notches, मार्क्स तथा एम्बेडेड फ्लिंट पीसेस हैं जो पत्थर के खिलाफ मारकर हैंड एक्स जैसे औजार बनाने के लिए उपयोग को दर्शाते हैं लेकिन यह इंग्लैंड की बॉक्सग्रोव साइट से है जबकि मुख्य खोज ग्रीस की है। ग्रीस साइट पर लकड़ी के औजारों के साथ पत्थर के आर्टिफैक्ट्स, काम की गई हड्डियां तथा कटे हुए जीव अवशेष हैं जो तकनीकों की विविधता दिखाते हैं। बड़े मांसाहारियों के साथ सह-अस्तित्व साइट पर प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। ये सभी प्रमाण होमिनिन्स की दैनिक गतिविधियों जैसे शिकार संसाधन, खुदाई तथा बारीक कार्यों को समझने में मदद करते हैं। खोज से प्राचीन तकनीक की झलक मिलती है और ये औजार छोटे टुकड़ों में हैं लेकिन महत्वपूर्ण हैं। साइट पर बार-बार आने के प्रमाण बड़े शवों के संसाधन से जुड़े हैं। यह संदर्भ प्राचीन वातावरण तथा गतिविधियों को समझाता है।

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