गाजियाबाद के लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को पाकिस्तान से मिली मौत की धमकी।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर को पाकिस्तान के पेशावर से
- पेशावर से व्हाट्सएप कॉल पर बम से उड़ाने की चेतावनी, सलीम वास्तिक केस का जिक्र
- भीषण धमकी: BJP विधायक को किसी सभा में निशाना बनाने की बात, पुलिस जांच में जुटी
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर को पाकिस्तान के पेशावर से एक धमकी भरा व्हाट्सएप कॉल प्राप्त हुआ है। यह घटना 9 मार्च 2026 को हुई, जब अज्ञात व्यक्ति ने कॉल करके विधायक को जान से मारने की धमकी दी। कॉल करने वाले ने खुद को अरमान अली बताया और कहा कि यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला करने वाले आरोपी शहीद हो गए हैं, उनकी हत्या करने वालों को भी मौत की सजा दी जाएगी। धमकी देने वाले ने स्पष्ट रूप से कहा कि मौका मिलते ही विधायक को किसी सभा या कार्यक्रम में बम से उड़ा दिया जाएगा। यह धमकी लोनी क्षेत्र में सलीम वास्तिक पर हुए हमले के बाद पुलिस एनकाउंटर में मारे गए आरोपियों से जुड़ी बताई जा रही है। विधायक ने इस कॉल की रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट सहित गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और लोनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में कॉल के आईपी एड्रेस और नंबर की ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है।
धमकी देने वाले व्यक्ति ने बातचीत के दौरान दिल्ली के उत्तम नगर में एक मकान पर बुलडोजर कार्रवाई का भी जिक्र किया, जिसे वह हिंदू युवक की हत्या के बाद की कार्रवाई से जोड़ रहा था। उसने विधायक को चेतावनी दी कि दोनों घटनाओं के लिए वे जिम्मेदार हैं और प्रतिशोध लिया जाएगा। कॉल पेशावर से आने वाला बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह अंतरराष्ट्रीय नंबर होने की पुष्टि हुई है। विधायक नंदकिशोर गुर्जर, जो अपनी हिंदुत्ववादी छवि के लिए जाने जाते हैं, ने कहा कि वे ऐसी धमकियों से नहीं डरते और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि कॉल के दौरान धमकी देने वाले ने कई बार सलीम वास्तिक केस का उल्लेख किया, जहां हमलावरों को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि विधायक अक्सर विवादास्पद बयान देते रहे हैं। पुलिस ने विधायक की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और उनके आवास व सार्वजनिक कार्यक्रमों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
पुलिस जांच में कॉल की तकनीकी जांच तेजी से चल रही है। व्हाट्सएप कॉल होने की वजह से मैसेजिंग ऐप की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के कारण सीधे कंटेंट प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन मेटाडेटा जैसे समय, लोकेशन और आईपी का विश्लेषण किया जा रहा है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर ने विशेष टीम गठित की है, जिसमें साइबर क्राइम एक्सपर्ट शामिल हैं। धमकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखते हुए विदेश मंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियों को सूचित किया गया है। विधायक ने पहले भी कई बार धमकियां मिलने की बात कही है, लेकिन यह पाकिस्तान से आने वाली पहली प्रमुख घटना है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह कोई संगठित गिरोह का काम है या व्यक्तिगत प्रतिशोध। सलीम वास्तिक पर हमला लोनी क्षेत्र में हुआ था, जहां हमलावरों ने यूट्यूबर पर हमला किया और बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। धमकी देने वाले ने इन्हें शहीद करार दिया, जो धार्मिक भावनाओं से जुड़ा प्रतीत होता है।
इनसेट: सलीम वास्तिक केस की पृष्ठभूमि सलीम वास्तिक एक स्थानीय यूट्यूबर हैं, जिन पर लोनी क्षेत्र में हमला हुआ था। हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा और कुछ लोगों ने इसे प्रतिशोध के रूप में देखा। धमकी में इसी एनकाउंटर का जिक्र है, जहां मारे गए लोगों को शहीद बताया गया।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर लोनी क्षेत्र में सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं और अक्सर सामाजिक मुद्दों पर बोलते हैं। उनकी छवि हिंदुत्ववादी होने की है, जिसके कारण वे विवादों में रहते हैं। इस धमकी के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे अपने कार्यों से पीछे नहीं हटेंगे और कानून का सहारा लेंगे। पुलिस ने विधायक के सुरक्षा प्रोटोकॉल को अपग्रेड किया है, जिसमें एसपीजी जैसी व्यवस्था नहीं लेकिन स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त गार्ड और वाहन शामिल हैं। गाजियाबाद पुलिस ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चेकपॉइंट बढ़ाए हैं। अपडेट्स के अनुसार, जांच में कोई ठोस सुराग मिला है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की जा सकती है। धमकी की गंभीरता को देखते हुए विधायक के आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है।
यह घटना राजनीतिक सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर सामने लाती है। उत्तर प्रदेश में विधायकों को धमकियां मिलना असामान्य नहीं है, लेकिन पाकिस्तान से आने वाली धमकी विशेष रूप से चिंताजनक है। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड को फोरेंसिक लैब भेज दिया है ताकि आवाज की पहचान हो सके। विधायक ने कमिश्नर से मुलाकात की और पूरी जांच की मांग की। अपडेट्स में पता चला कि धमकी देने वाले ने कई बार विधायक को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने की बात कही। पुलिस का कहना है कि यह धमकी सलीम वास्तिक केस से जुड़ी प्रतिक्रिया हो सकती है। जांच जारी है और जल्द ही कोई गिरफ्तारी संभव है।
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