Sambhal : लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर संत समागम और कवि सम्मेलन, समाज को दिया एकता और संस्कृति संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के आयोजक सुनील पाल ने बताया कि यह आयोजन संत समाज की सहभागिता से किया गया, जिसमें संतों के आशीर्वचन और कवियों द्वारा रामभक्ति एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित काव्य पाठ प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को
Report : उवैस दानिश, सम्भल
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में डीके रिसोर्ट, सम्भल में भव्य संत समागम एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत समाज, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के आयोजक सुनील पाल ने बताया कि यह आयोजन संत समाज की सहभागिता से किया गया, जिसमें संतों के आशीर्वचन और कवियों द्वारा रामभक्ति एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित काव्य पाठ प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना तथा भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूर्य प्रकाश पाल, उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग रहे। वहीं छेमनाथ मंदिर से बाल योगी आदित्यनाथ जी, भगत प्रिय जी महाराज सहित कई संतों ने सहभागिता की।
आयोजकों के अनुसार अन्य संतों का भी कार्यक्रम में आगमन हुआ और सभी ने समाज को धर्म, संस्कृति और एकता का संदेश दिया।
सुनील पाल ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने देशभर में हजारों मंदिरों का जीर्णोद्धार कर भारतीय संस्कृति के संरक्षण में ऐतिहासिक योगदान दिया था। उनके आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में धार्मिक चेतना बढ़ाने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और हिंदू समाज में एकता का भाव मजबूत करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भक्ति, संस्कृति और राष्ट्र चेतना से ओत-प्रोत माहौल देखने को मिला तथा उपस्थित लोगों ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
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बाइट - सुनील पाल, आयोजक
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