Hardoi : गंगा किनारे भैंस चराने गए दो बच्चों की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत, परिजनों में छाया मातम
काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों बच्चों के प्राण पखेरू उड़ चुके थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पो
रिपोर्ट : अभिषेक त्रिवेदी
अरवल थाना क्षेत्र के निकामदपुर गांव में एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ गंगा नदी के किनारे मवेशी चराने गए दो मासूम बच्चों की नदी में स्नान करते समय गहरे पानी में चले जाने से डूबकर मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही गांव में फैली, वैसे ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, बृजपाल का दस वर्षीय बेटा कृष्ण और राम शंकर राजपूत का नौ वर्षीय बेटा ध्रुव कुमार दोपहर के समय अपने मवेशियों को चराने के लिए गंगा नदी के तट की ओर गए थे। तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए दोनों बच्चों ने नदी में उतरकर स्नान करने का मन बनाया। नदी में नहाते-नहाते दोनों बच्चे पानी के तेज बहाव और गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और धीरे-धीरे गहरे पानी की तरफ चले गए, जिससे वे नदी में समा गए।
नदी के किनारे मौजूद अन्य लोगों ने जब बच्चों को पानी में डूबते देखा, तो उन्होंने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए इस भयावह घटना की सूचना बच्चों के परिवार वालों और स्थानीय पुलिस को दी। हादसे की खबर मिलते ही थानाध्यक्ष अनिल सिंह और दीवान बीरन यादव अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में व्यापक खोजबीन अभियान शुरू करवाया। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों बच्चों के प्राण पखेरू उड़ चुके थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। एक साथ दो मासूम बच्चों की मौत से पूरी बस्ती स्तब्ध है।
मृतक बच्चे गांव के ही जीवनपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार के छात्र थे। पढ़ाई में होनहार इन बच्चों की अचानक मौत से स्कूल के शिक्षक और सहपाठी भी गहरे सदमे में हैं। पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो मृतक कृष्ण अपने दो भाइयों और चार बहनों में दूसरे स्थान पर था, जबकि ध्रुव अपने चार भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर पर था। दोनों ही माता-पिता के बेहद लाडले थे। इस भीषण हादसे ने दोनों पिताओं और माताओं को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। कृष्ण की मां विनीशा देवी और ध्रुव की मां बिट्टन देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें सांत्वना देने के लिए गांव की महिलाएं उनके घर पर जुटी हुई हैं। हर कोई इस असमय काल के गाल में समाए बच्चों को याद कर भावुक हो रहा है।
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