Sambhal: एंटी पेपर लीक बिल पर AIMIM का हमला, बोले- कानून नहीं, सिस्टम पर लगाम जरूरी
एंटी पेपर लीक बिल के संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इस पर सियासत भी तेज हो गई है। AIMIM के पश्चिमी
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: एंटी पेपर लीक बिल के संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इस पर सियासत भी तेज हो गई है। AIMIM के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव सय्यद असलम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल सख्त कानून बना देने से पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं रुकेंगी, बल्कि पूरे सिस्टम को ईमानदारी से दुरुस्त करना होगा।
सय्यद असलम ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ कानून लाने में सरकार ने काफी देर कर दी। उनका आरोप है कि जब पहले भी कई बार पेपर लीक हुए और युवाओं ने लंबे समय तक प्रदर्शन किए, तब सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि केवल कानून बना देने से समस्या खत्म नहीं होगी, जब तक पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क और उन्हें संरक्षण देने वालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक मामलों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और आंदोलन के दौरान कई युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि इस कानून के लागू होने के बाद भी निर्दोष लोगों के फंसने की आशंका बनी रहेगी, इसलिए निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई बेहद जरूरी है। यह पूछे जाने पर कि नए कानून में नकल माफियाओं के लिए 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और तीन महीने के भीतर सजा का प्रावधान है, इस पर असलम ने कहा कि यदि सरकार पहले ही सख्ती दिखाती तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक एक संगठित माफिया तंत्र है, जिस पर केवल कानून नहीं बल्कि सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई से ही लगाम लगाई जा सकती है। AIMIM नेता के इस बयान के बाद एंटी पेपर लीक बिल को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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