Sambhal : सम्भल मंडी समिति में चला बुलडोजर, 70 दुकानों में से 10-15 पर हुई कार्यवाही

मंगलवार को जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोजर चलाकर इन अवैध अतिक्रमणों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व सिटी म

By INA News Desk
Sep 2, 2025 - 22:00
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Sambhal : सम्भल मंडी समिति में चला बुलडोजर, 70 दुकानों में से 10-15 पर हुई कार्यवाही
सम्भल मंडी समिति में चला बुलडोजर, 70 दुकानों में से 10-15 पर हुई कार्यवाही

Report : उवैस दानिश, सम्भल

जिले की मंडी समिति में लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण पर आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। मंडी समिति की ओर से करीब 25 दिन पहले 70 दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट आदेश दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद अधिकांश दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपना अतिक्रमण हटा लिया, लेकिन 10 से 15 दुकानदारों ने निर्धारित समय सीमा के बाद भी कार्रवाई नहीं की।

मंगलवार को जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोजर चलाकर इन अवैध अतिक्रमणों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने किया। उनके साथ एसडीएम विकास चंद्र और मंडी सचिव भी मौजूद रहे। टीम ने मंडी समिति परिसर में पहुंचकर उन दुकानों को निशाना बनाया जिन पर नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण हटाया नहीं गया था। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों में हड़कंप मच गया। हालांकि अधिकांश दुकाने पहले ही अतिक्रमण मुक्त हो चुकी थीं, जिससे किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी।जिला प्रशासन का कहना है कि मंडी समिति क्षेत्र को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखना प्राथमिकता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि जिन दुकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें से एक दुकान पर सिविल कोर्ट का स्टे ऑर्डर लागू है। ऐसे में प्रशासन ने अदालत के आदेश का पालन करते हुए उस दुकान को यथास्थिति में छोड़ दिया। हालांकि वह दुकान बंद है और भविष्य में भी बंद ही रहेगी। मंडी समिति की ओर से कहा गया कि उन्हें किसी प्रकार का नया दावा या आपत्ति का नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।सुधीर कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट

ऐसे में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही पूरी तरह नियमों के अनुरूप मानी जा रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अतिक्रमण करने वाले चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, अब उन्हें किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलेगी। मंडी परिसर को सुचारू और पारदर्शी ढंग से चलाने के लिए इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन का यह कदम सही दिशा में है। अतिक्रमण हटने से मंडी परिसर में आवाजाही आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।

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