अजब गजब: हैदराबाद एयरपोर्ट पर शारजाह से आए यात्री से 11 सोने की सिल्लियां जब्त: आयरन बॉक्स में छिपाकर लाया था ₹1.55 करोड़ का सोना।
हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आरजीआईए), जिसे शमशाबाद एयरपोर्ट भी कहा जाता है, पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड
हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आरजीआईए), जिसे शमशाबाद एयरपोर्ट भी कहा जाता है, पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के तहत कार्यरत राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़ी स्मगलिंग साजिश को नाकाम कर दिया। 14 नवंबर 2025 को शारजाह से एक उड़ान से उतरे यात्री को हिरासत में लेने पर उसके सामान में छिपे एक संदिग्ध आयरन बॉक्स से 11 सोने की सिल्लियां बरामद हुईं। इन सिल्लियों का कुल वजन 1196.20 ग्राम था और इनकी अनुमानित कीमत 1.55 करोड़ रुपये आंकी गई। यात्री ने ग्रीन चैनल से गुजरने की कोशिश की थी, लेकिन डीआरआई की खुफिया जानकारी के आधार पर उसे रोका गया। इस मामले में यात्री के अलावा आंध्र प्रदेश आधारित उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया। यह घटना भारत में सोने की तस्करी के बढ़ते मामलों को उजागर करती है, जहां विदेशी सोने को विभिन्न तरीकों से छिपाकर लाया जाता है।
डीआरआई के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई 14 और 15 नवंबर को खुफिया सूचना के आधार पर की गई। शारजाह से एयर अरबिया फ्लाइट से उतरा यात्री अंतरराष्ट्रीय आगमन हॉल से गुजर रहा था। वह सीधे ग्रीन चैनल की ओर बढ़ा, जहां कोई सामान घोषणा की जरूरत नहीं होती। लेकिन डीआरआई की टीम ने उसे रोक लिया। सामान की जांच के दौरान एक पुराना दिखने वाला आयरन बॉक्स संदिग्ध लगा। यात्री के सामने बॉक्स खोला गया तो उसके अंदर चालाकी से 11 विदेशी चिह्नित सोने की सिल्लियां छिपी मिलीं। सिल्लियां 24 कैरेट की थीं और इन पर विदेशी मार्किंग थी, जो साबित करती है कि ये अवैध रूप से आयात की गईं। बॉक्स के अंदर सोने को लोहे के टुकड़ों के बीच छिपाया गया था ताकि एक्स-रे में न दिखे। डीआरआई के एक अधिकारी ने कहा कि यात्री घबरा गया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
जांच में पता चला कि यात्री आंध्र प्रदेश का निवासी है। वह शारजाह से नियमित रूप से आता-जाता था और तस्करी का हिस्सा था। उसके सहयोगी ने आंध्र प्रदेश में ही सोने को ग्राहकों तक पहुंचाने का काम संभाला था। डीआरआई ने दोनों को कस्टम्स एक्ट 1962 की धारा 104 के तहत गिरफ्तार किया। सोने को धारा 110 के तहत जब्त कर लिया गया। दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ होगी। डीआरआई का मानना है कि यह एक बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। शारजाह, दुबई और अबू धाबी जैसे खाड़ी देशों से सोने की तस्करी भारत में आम है, क्योंकि वहां सोना सस्ता मिलता है। भारत में सोने पर 15 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती है, जिससे तस्कर बचने के लिए अवैध रास्ते अपनाते हैं। इस साल ही डीआरआई ने कई ऐसे मामले पकड़े हैं।
यह घटना आरजीआईए की सतर्कता को दर्शाती है। एयरपोर्ट पर डीआरआई, कस्टम्स और सीआईएसएफ की संयुक्त टीमें तैनात रहती हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर रैंडम चेकिंग होती है। यात्री के पासपोर्ट और वीजा की जांच से पता चला कि वह बिजनेस विजिट पर था। लेकिन सामान में मिले बॉक्स ने शक पैदा किया। बॉक्स को खोलने पर सोने की चमक ने सब कुछ साफ कर दिया। वजन मापने पर 1196.20 ग्राम पाया गया। वर्तमान सोने की कीमत के हिसाब से यह 1.55 करोड़ का बनता है। डीआरआई ने कहा कि सोना विदेशी मूल का था, इसलिए पूरा मूल्य जब्ती के दायरे में आता है। अगर ड्यूटी चुकाई जाती तो भी इतना ही नुकसान होता।
सोने की तस्करी भारत में एक गंभीर समस्या है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 500 से ज्यादा सोने तस्करी के मामले दर्ज हुए। ज्यादातर मामले हवाई मार्ग से होते हैं। तस्कर बॉडी में छिपाते हैं, सामान में मिलाते हैं या जैसे यहां बॉक्स में लोहे के साथ। शारजाबाद एयरपोर्ट पर ही अक्टूबर में एक केस पकड़ा गया था, जहां कुवैत से शारजाह होते हुए 1.8 किलो सोना बरामद हुआ। उसकी कीमत 2.37 करोड़ थी। इसी तरह मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट पर भी ऐसे मामले आम हैं। डीआरआई ने कहा कि खाड़ी देशों से आने वाली उड़ानों पर विशेष नजर रखी जाती है। तस्करी के पीछे अंतरराष्ट्रीय गिरोह होते हैं, जो ज्वेलर्स को सस्ता सोना बेचते हैं।
इस मामले ने फिर से सोने आयात नियमों पर चर्चा छेड़ दी है। भारत सरकार ने 2024 में सोने पर ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत की, जिससे तस्करी बढ़ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्यूटी कम करने से वैध आयात बढ़ेगा। लेकिन फिलहाल डीआरआई जैसी एजेंसियां सतर्क हैं। हैदराबाद एयरपोर्ट पर पिछले साल 50 किलो से ज्यादा सोना जब्त हुआ। यह रिकॉर्ड है। यात्री की गिरफ्तारी से नेटवर्क उजागर हो सकता है। डीआरआई ने अन्य राज्यों में भी छापे मारे हैं। आंध्र प्रदेश में सहयोगी के ठिकाने की तलाशी ली गई। वहां से दस्तावेज और मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ से और नाम सामने आ सकते हैं।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि यात्री सामान्य लग रहा था। वह एक सामान्य बैग और बॉक्स लेकर आया था। लेकिन खुफिया टिप ने काम किया। डीआरआई की टीम ने 24 घंटे के अंदर सहयोगी को भी पकड़ लिया। दोनों को रिमांड पर लिया जाएगा। सोना जब्त होने से सरकारी खजाने को फायदा होगा। लेकिन तस्करी का नुकसान अर्थव्यवस्था को होता है। काला बाजार फलता है और टैक्स चोरी होती है। जनता को भी सलाह दी जाती है कि विदेश यात्रा पर सामान घोषित करें। अन्यथा जुर्माना या जेल हो सकती है।
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