Saharanpur : एक्सपायरी से पहले ही खराब मिली दही, फंगस और बदबू से उठे सवाल

जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा समय-समय पर छापेमारी और जांच अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद बाजार में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सा

Mar 17, 2026 - 21:48
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Saharanpur : एक्सपायरी से पहले ही खराब मिली दही, फंगस और बदबू से उठे सवाल
Saharanpur : एक्सपायरी से पहले ही खराब मिली दही, फंगस और बदबू से उठे सवाल

कोर्ट रोड स्थित भारतीय डेयरी से सप्लाई उत्पाद की गुणवत्ता पर चर्चा, सूत्रों के अनुसार पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

सहारनपुर। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार कोर्ट रोड स्थित भारतीय डेयरी से सप्लाई की गई दही एक्सपायरी डेट से पहले ही खराब पाई गई। दही के पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग डेट 9 मार्च और एक्सपायरी डेट 18 मार्च अंकित बताई जा रही है, लेकिन पैकिंग खोले जाने पर उसकी स्थिति खराब बताई गई।

सूत्रों का कहना है कि दही में फंगस के निशान दिखाई दिए और उससे अजीब प्रकार की दुर्गंध आ रही थी, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। एक्सपायरी डेट से पहले ही उत्पाद खराब हो जाना उपभोक्ताओं के बीच चिंता का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है। सूत्रों के अनुसार करीब तीन दिन पहले भी इसी डेयरी की दही में ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें पैकेट पर 13 और 15 मार्च की एक्सपायरी डेट अंकित थी, लेकिन वह दही भी एक्सपायर होने से पहले ही खराब पाई गई थी और उसमें फंगस व दुर्गंध बताई गई थी।हैरानी की बात यह है कि हाल ही में जिले के विभिन्न समाचार पत्रों में मिल्क रस्क बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट अंकित किए उत्पाद खुलेआम बाजार में बेचे जाने की खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बावजूद अब तक संबंधित विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने से मिल्क रुष मार्केट में धडल्ले से बेचे जा रहे हैं!

ऐसे में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं! प्रदेश सरकार द्वारा मिलावटखोरी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग इस तरह के मामलों को किस तरह संज्ञान में लेकर आगे की कार्रवाई करता है!

छापेमारी के दावों के बावजूद बाजार में कैसे पहुंच रहे ऐसे उत्पाद?

जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा समय-समय पर छापेमारी और जांच अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद बाजार में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सामने आ रहे मामलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।पहले बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट के “मिल्क रस्क” बिकने का मामला चर्चा में रहा और अब एक्सपायरी से पहले ही दही खराब मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि लगातार जांच और छापेमारी के दावों के बावजूद आखिर ऐसे उत्पाद बाजार तक कैसे पहुंच रहे हैं।

शहर के लोगों के बीच यह चर्चा भी होने लगी है कि क्या यह निर्माताओं के बढ़ते हौसलों का परिणाम है या फिर मामला किसी और ओर इशारा कर रहा है। क्योंकि खाद्य उत्पाद सीधे तौर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं और उनकी गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इन लगातार सामने आ रहे मामलों को किस तरह संज्ञान में लेकर जांच और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाता है, ताकि आम लोगों की सेहत से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर भरोसा कायम रह सके।

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