Hardoi: लाखों की लागत से बना अमृत सरोवर सूखा, प्यासे पशु-पक्षी; महीन कुण्ड में योजना पर उठे सवाल
लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए अमृत सरोवर यदि सूखे पड़े हैं, तो यह स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत की बड़ी लापरवाही है
अहिरोरी: लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए अमृत सरोवर यदि सूखे पड़े हैं, तो यह स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत की बड़ी लापरवाही है। भीषण गर्मी में पानी के अभाव से पशु-पक्षियों के हलक सूख रहे हैं और पूरी सरकारी योजना का मूल उद्देश्य ही विफल हो रहा है।
मामला विकासखंड अहिरोरी के अंतर्गत ग्राम सभा महीन कुंण्ड में नवनिर्मित अमृत सरोवर योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई है। भीषण गर्मी के बावजूद यह सरोवर पूरी तरह सूखा पड़ा है, जिससे पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लाखों रुपये की यह सरकारी योजना धरातल पर विफल होती दिख रही है।
गर्मी के दिनों में जल संकट से निपटने व भू-जल स्तर बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने अमृत सरोवर योजना की शुरूआत की है। लाखों रुपए खर्च कर अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कराया गया है। उद्देश्य है कि इस सरोवर से जहां पशु पक्षियों को पानी मिलेगा तो भू-जल स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी। लेकिन यहां जिम्मेदारों की उदसीनता के चलते सरोवर सूखा पड़ा है और पशु पक्षियों के हलक सूख रहे हैं। जून का महीना चल रहा है और भीषण गर्मी हो रही है। तापमान अधिक होने के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। गर्मी अधिक होने से पेयजल की मांग भी काफी बढ़ गई है। लोगों के साथ पशु पक्षी सभी के हलक हमेशा सूखे रहते हैं। लोंग तो नल आदि सुविधाओं से अपनी प्यास बुझा लेते हैं। लेकिन पशु पक्षियों को पेयजल की संकट से जूझना पड़ता है। महीन कुण्ड गांव में अमृत सरोवर में धूल उड़ रही है और तालाब सूखा पड़ा है। इससे यहां पशु पक्षियों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जिम्मेदारों ने सरोवर में पानी नहीं भराया है।
उपरोक्त विषय पर खंड विकास अधिकारी अहिरोरी ने बताया मौके की जांच कर समस्या का निस्तारण करवाते हैं। वही मामले पर ग्राम प्रधान ग्राम विकास अधिकारी से फोन कॉल पर संपर्क नहीं हो पाया।
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