Hardoi News: समाज कल्याण योजनाओं में लापरवाही पर हरदोई के जिला समाज कल्याण अधिकारी निलंबित, राज्यमंत्री असीम अरुण के निर्देश पर कार्रवाई
हरदोई में समाज कल्याण योजनाओं में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को निलंबित किया गया। कार्रवाई राज्यमंत्री असीम अरुण के निर्देश पर हुई।
- राज्यमंत्री असीम अरुण के निर्देश पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, कई योजनाओं में गंभीर अनियमितताएं उजागर
हरदोई | समाज कल्याण विभाग की जनहित योजनाओं में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही सामने आने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत को निलंबित कर दिया गया है। यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के सख्त निर्देश पर हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कदम उठाया गया है।
निलंबन के मुख्य आरोप
- सर्वोदय विद्यालयों में कर्मचारी तैनाती में अनियमितता जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय चठिया धनवार और कछौना में 14 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा 2 इलेक्ट्रिशियन/प्लंबर की श्रम संविदा आधारित तैनाती होनी थी। GeM पोर्टल से सेवा प्रदाता फर्म चुनने की प्रक्रिया में दो महीने की देरी हुई। निविदा फाइल में पात्र और अपात्र फर्मों की गलत जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजी गई।
- जीरो पॉवर्टी योजना में बड़ी चूक वृद्धावस्था पेंशन के लिए 1219 परिवार पात्र पाए गए, लेकिन पोर्टल पर केवल 116 परिवारों के आवेदन दर्ज हुए। इससे सैकड़ों पात्र लाभार्थी योजना से वंचित रहे।
- प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में प्रगति शून्य चयनित ग्रामों के सर्वे फॉर्म समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे योजना की प्रगति पूरी तरह प्रभावित हुई।
- समाधान दिवस में उदासीनता जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित समाधान दिवस के संचालन में भी लापरवाही और उदासीन रवैया अपनाया गया।
जांच और निलंबन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 और अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 के उल्लंघन के आधार पर निलंबन आदेश जारी किया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए उप निदेशक जे. राम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में अधिकारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
राज्यमंत्री असीम अरुण का सख्त संदेश समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।
यह कार्रवाई समाज कल्याण विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विभागीय अधिकारियों को सख्त चेतावनी के साथ आगे की जांच में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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