Rae Bareli : फैमिली आईडी योजना में 2 साल के बच्चे को मुखिया बनाने का मामला, मुख्य विकास अधिकारी ने जांच का आदेश दिया
फैमिली आईडी योजना का उद्देश्य राशन कार्ड से वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिले में लगभग 5 लाख 60 हजार राशन कार्ड हैं। जिन परिवारों के पास रा
रायबरेली जिले में एक परिवार एक पहचान योजना के तहत फैमिली आईडी बनवाने में गड़बड़ी सामने आई है। ग्राम पंचायतों में लक्ष्य पूरा करने के लिए पंचायत सचिव छोटे बच्चों को परिवार का मुखिया बनाकर आवेदन करा रहे हैं। इससे योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। डलमऊ ब्लॉक में दो साल की बच्ची जिया पुत्री विनोद कुमार को फैमिली आईडी के लिए आवेदक बनाया गया है। इसी ब्लॉक में 2022 में जन्मी रिया पुत्री सुशील, सेमौरी की पांच साल की दिशा पुत्री शिल्पा और सोनपरी पुत्री दिलीप कुमार को भी मुखिया बनाया गया है। ये बच्चे अभी स्कूल भी नहीं गए हैं।
फैमिली आईडी योजना का उद्देश्य राशन कार्ड से वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिले में लगभग 5 लाख 60 हजार राशन कार्ड हैं। जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए यह आईडी बनाई जा रही है। यह 12 अंकों का नंबर है, जिसमें पूरे परिवार का विवरण होता है। इस आईडी से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनाने में भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। आवेदन के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार नंबर और मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है।
मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता ने कहा कि यदि फैमिली आईडी में बच्चों को मुखिया बनाया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। विभागीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इससे पहले जन्म प्रमाण पत्रों में भी गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं। छोटे बच्चों को मुखिया बनाने से भविष्य में राशन कार्ड जोड़ने या अन्य लाभ लेने में समस्या हो सकती है।
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