Special : गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत ने उजागर किया मोबाइल की लत का खतरनाक चेहरा बच्चों को बचाने की जरूरत। 

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में तीन नाबालिग सगी बहनों ने इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना भारत सिटी सोसाइटी

Feb 5, 2026 - 14:58
 0  30
Special : गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत ने उजागर किया मोबाइल की लत का खतरनाक चेहरा बच्चों को बचाने की जरूरत। 
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत ने उजागर किया मोबाइल की लत का खतरनाक चेहरा बच्चों को बचाने की जरूरत। 
  • मोबाइल स्क्रीन में छिपी मौत तीन बहनों की आत्महत्या से चेतावनी कोरियन गेम की लत बनी कारण
  • बच्चों की डिजिटल लत बन रही साइलेंट किलर गाजियाबाद त्रासदी से अभिभावकों के लिए सबक

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में तीन नाबालिग सगी बहनों ने इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना भारत सिटी सोसाइटी में हुई। तीनों बहनों की उम्र बारह चौदह और सोलह वर्ष थी। सबसे बड़ी निशिका सोलह वर्ष की सबसे छोटी पाखी बारह वर्ष की और बीच वाली प्राची चौदह वर्ष की थीं। तीनों ने रात करीब दो बजे छलांग लगाई। वे एक-एक करके कूदकर नीचे आईं। पुलिस जांच में पता चला कि तीनों मोबाइल फोन की लत में थीं। वे एक टास्क आधारित कोरियन गेम खेलती थीं। गेम में कुछ टास्क दिए जाते थे जो खतरनाक थे। मोबाइल छीनने पर वे मानसिक तनाव में आ गईं। नोट में लिखा था कि परिवार की मार से मौत बेहतर लगी। नोट में कोरियन स्टार्स और के-पॉप का जिक्र था। उन्होंने लिखा कि वे कोरियन हैं इंडियन नहीं। परिवार ने मोबाइल छीन लिया था जिससे वे निराश हो गईं।

  • घटना का क्रम और पुलिस जांच

घटना रात करीब दो बजे हुई। तीनों बहनें एक-एक करके नौवीं मंजिल से कूदकर नीचे आईं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम कराया गया। जांच में मोबाइल फोन की लत सामने आई। तीनों एक कोरियन लवर गेम खेलती थीं। गेम टास्क आधारित था। अंतिम टास्क में सुसाइड जैसा कार्य था। पुलिस ने मोबाइल जब्त किए। जांच जारी है। परिवार ने बताया कि वे दिनभर मोबाइल देखती थीं। कोरियन कल्चर में डूबी थीं। वे कहती थीं कि वे कोरियन हैं। मोबाइल छीनने पर वे चिड़चिड़ी हो गईं।

  • नोट में लिखी बातें और परिवार का बयान

नोट में लिखा था कि मार से बेहतर मौत है। कोरियन हमारी जान हैं। इंडिया और बॉलीवुड से दूर रहना चाहती थीं। परिवार ने मोबाइल पर रोक लगाई थी। इससे वे तनाव में थीं। पिता ने घटना का विवरण दिया। रात में वे कमरे में थीं। सुबह शव मिले। परिवार सदमे में है।

  • मोबाइल लत के सामान्य खतरे और स्वास्थ्य प्रभाव

मोबाइल की लत बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करती है। ज्यादा स्क्रीन टाइम से नींद प्रभावित होती है। नीली रोशनी नींद बाधित करती है। इससे चिड़चिड़ापन बढ़ता है। ध्यान केंद्रित करने में समस्या होती है। पढ़ाई प्रभावित होती है। आंखों में समस्या आती है। मोटापा बढ़ सकता है। गर्दन और पीठ में दर्द होता है। व्यवहार बदलता है। अलग-थलग महसूस करते हैं। डिप्रेशन और एंग्जायटी बढ़ती है। कुछ मामलों में सुसाइडल विचार आते हैं।

  • कोरियन कल्चर और गेमिंग का प्रभाव

बच्चे कोरियन संगीत और लाइफस्टाइल में डूब जाते हैं। वे आभासी दुनिया को असली मान लेते हैं। टास्क आधारित गेम्स में खतरनाक कार्य दिए जाते हैं। बच्चे उन्हें पूरा करने की कोशिश करते हैं। मोबाइल छीनने पर तनाव बढ़ता है। वे निराश हो जाते हैं।

  • विशेषज्ञों की चेतावनी और सलाह

मनोचिकित्सकों का कहना है कि मोबाइल लत नशे से कम नहीं। स्क्रीन टाइम दिमाग के विकास को प्रभावित करता है। अभिभावकों को नजर रखनी चाहिए। उम्र के अनुसार सीमित इस्तेमाल हो। छोटे बच्चों को फोन न दें। इन-गेम चैट पर नजर रखें। टास्क गेम्स से सतर्क रहें। ऐप परमिशन जांचें। लत लगने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।

  • घटना से जुड़े अन्य पहलू

घटना ने डिजिटल लत पर बहस छेड़ दी है। आर्थिक सर्वे में डिजिटल एडिक्शन को स्वास्थ्य संकट बताया गया है। युवाओं में एंग्जायटी डिप्रेशन बढ़ रहा है। नींद की कमी फोकस कम होता है। भारत में स्क्रीन टाइम ज्यादा है। पांच साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा समय स्क्रीन पर बिताते हैं।

गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने मोबाइल लत और कोरियन गेम के प्रभाव में आत्महत्या की। वे दिनभर मोबाइल देखती थीं। मोबाइल छीनने पर तनाव बढ़ा। नोट में कोरियन दुनिया का जिक्र था। मोबाइल लत से मानसिक शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। नींद आंखें व्यवहार पर असर पड़ता है। अभिभावकों को सतर्क रहना चाहिए। बच्चों को बचाने की जरूरत है।

Also Read- Special Story: पिता के अंतिम संस्कार के लिए बेचना पड़ा था सीलिंग फैन, आज 157 करोड़ का है बिजनेस।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।