Hathras : आरटीओ कार्यालय में अव्यवस्था: स्टाफ की कमी या दलालों का दबदबा, जनता परेशान
सूत्र बताते हैं कि कार्यालय में दलालों का राज चल रहा है। काम जल्दी करवाने के नाम पर एजेंट सक्रिय रहते हैं। आम लोग प्रक्रिया समझने में परेशान होते हैं, जबकि दलाल अतिरिक्त पैसे लेकर फा
हाथरस के संभागीय परिवहन कार्यालय में व्यवस्था खराब दिखाई दे रही है। शासन के आदेश के अनुसार सभी अधिकारी और कर्मचारी सुबह दस बजे कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते और उनका निपटारा करते हैं। लेकिन जांच के दौरान वहां सिर्फ एक कर्मचारी मिला, कोई अधिकारी या अन्य कर्मचारी नहीं था। काम करवाने आए लोग अधिकारियों का इंतजार करते रहे। लोगों का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से उनके काम समय पर नहीं होते। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और अन्य सेवाओं के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है। विभाग स्टाफ की कमी बताता है, जिससे फाइलों का ढेर लगता जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि कार्यालय में दलालों का राज चल रहा है। काम जल्दी करवाने के नाम पर एजेंट सक्रिय रहते हैं। आम लोग प्रक्रिया समझने में परेशान होते हैं, जबकि दलाल अतिरिक्त पैसे लेकर फाइलें आगे बढ़वाने का दावा करते हैं। इससे व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ऑनलाइन पोर्टल सारथी और वाहन कई बार धीमे या बंद हो जाते हैं, जिससे आवेदकों के काम रुक जाते हैं। जानकारी के अभाव में लोग दलालों के पास पहुंच जाते हैं। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की ज्यादा संख्या से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि असली कर्मचारी कौन है। कई बार अधिकारी उपलब्ध नहीं मिलते और फील्ड ड्यूटी या बैठक का बहाना दिया जाता है।
एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि उनकी ड्यूटी एसआईआर में लगी थी, इसलिए वे समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पाए। अन्य दो कर्मचारी विभागीय काम से कहीं और भेजे गए थे। सरकार ने हेल्पलाइन 149 जैसी सुविधा शुरू की है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति सुधार की जरूरत बनी हुई है। सवाल है कि क्या पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी या जनता दलालों के बीच फंसती रहेगी।
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