बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए आधार आधारित जीवन प्रमाणीकरण की नई सुविधा शुरू, CSC केंद्रों पर मुफ्त सेवा, असमर्थ लाभार्थियों के लिए घर पर भी टीम जाएगी
बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने राज्य के सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है
बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने राज्य के सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है। अब वृद्धजन, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों सहित सभी पेंशन प्राप्तकर्ताओं के लिए जीवन प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से आधार आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से प्राप्त करना होगा। यह सुविधा पूरे प्रदेश में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का शुभारंभ 22 दिसंबर 2025 को किया गया, जिसमें विभाग की सचिव ने कई लाभार्थियों का प्रमाणीकरण कर उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए। यह व्यवस्था राज्य में चल रही छह सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लगभग 1.13 करोड़ लाभार्थियों के लिए लागू है। इन योजनाओं में वृद्धजन पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन और अन्य शामिल हैं। जीवन प्रमाणीकरण की यह प्रक्रिया वार्षिक रूप से अनिवार्य है, ताकि मृत लाभार्थियों की पहचान हो सके और डेटा की शुद्धता बनी रहे। प्रमाणीकरण न कराने पर पेंशन रुकने की संभावना रहती है, इसलिए सभी लाभार्थियों को इसे समय पर पूरा करना जरूरी है।
प्रक्रिया बेहद सरल है। लाभार्थी अपने निकटतम CSC केंद्र पर जाकर अपना आधार नंबर, बैंक खाता नंबर या लाभार्थी नंबर बताकर प्रमाणीकरण करा सकते हैं। CSC ऑपरेटर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन) के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करेंगे। यदि फिंगरप्रिंट नहीं मिलता, तो आईरिस स्कैन का विकल्प उपलब्ध है। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और प्रमाणीकरण के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र ई-लाभार्थी पोर्टल पर अपडेट हो जाता है। राज्य में 67,000 से अधिक CSC केंद्र हैं, जिससे हर क्षेत्र में पहुंच आसान है। जिन लाभार्थियों का CSC केंद्र तक जाना संभव नहीं है, जैसे अत्यधिक वृद्ध, बीमार या दिव्यांग व्यक्ति, उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। विभाग पंचायत स्तर पर कैंप आयोजित करेगा या टीम घर जाकर प्रमाणीकरण करेगी। दिसंबर महीने में पंचायत स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी है, जिसमें बड़े पैमाने पर प्रमाणीकरण किया जाएगा। यह सुविधा उन लाभार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जिनकी पेंशन पहले पोर्टल संबंधी समस्याओं या प्रमाणीकरण न होने से रुकी हुई थी। यह पहल पेंशन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। पहले प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में कई लाभार्थियों को दिक्कतें आती थीं, लेकिन अब आधार आधारित डिजिटल तरीके से यह तेज और सुरक्षित हो गया है। प्रमाणीकरण एक वर्ष के लिए मान्य रहेगा और अगले वर्ष फिर कराना होगा। सभी लाभार्थियों का डेटा ई-लाभार्थी पोर्टल पर उपलब्ध है, जहां प्रमाणीकरण अपडेट होने के बाद पेंशन का भुगतान सुचारु रूप से जारी रहेगा।
राज्य में कई लाभार्थियों की पेंशन पहले पोर्टल ठप होने या प्रमाणीकरण न होने से रुकी हुई थी, लेकिन इस नई सुविधा से लाखों लाभार्थियों को राहत मिलेगी। प्रमाणीकरण के लिए लाभार्थी को मूल आधार कार्ड और फोटो आईडी साथ ले जाना होगा। CSC ऑपरेटर सहायता करेंगे और प्रक्रिया कुछ मिनटों में पूरी हो जाएगी। घर पर प्रमाणीकरण की सुविधा उन लोगों के लिए है जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं। यह कदम सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। लाभार्थी आधार नंबर के माध्यम से आसानी से प्रमाणीकरण करा सकते हैं। प्रमाण पत्र डिजिटल रूप में उपलब्ध होगा और पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा। विभाग ने सभी जिलों में CSC केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि सेवा निःशुल्क प्रदान की जाए। प्रमाणीकरण की यह अनिवार्यता पहले से लागू थी, लेकिन अब सुविधा को CSC तक विस्तार देने से लाभार्थियों को घर के पास ही सेवा मिलेगी। पंचायत स्तर पर कैंप से ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों को विशेष लाभ होगा। यह व्यवस्था दिसंबर 2025 से प्रभावी है और सभी लाभार्थियों को जल्द प्रमाणीकरण कराने की सलाह दी गई है। यह पहल राज्य के सभी पेंशनधारियों के लिए उपलब्ध है और प्रमाणीकरण पूरा होने पर पेंशन का भुगतान बिना रुकावट जारी रहेगा। CSC केंद्रों पर सेवा शुरू हो चुकी है और कई लाभार्थियों ने इसका लाभ लिया है। घर पर सेवा की व्यवस्था से असमर्थ लाभार्थी भी प्रमाणीकरण करा सकेंगे।
Also Read- Baitul : बैतूल में फीस न देने पर स्कूल बस में नहीं बिठाया, पांचवीं की छात्रा ने सड़क जाम किया
What's Your Reaction?