Ayodhya: अयोध्या में नौकाविहार करते समय नाविक सुनाएंगें अयोध्या के प्राचीन स्थलों से जुड़ी कहानियां।
अयोध्या में निरंतर बढ़ रही पर्यटक संख्या तथा सरयू नदी में नौकायन के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन से जुड़े हितधारकों
- सुरक्षित नौकायन हेतु 55 नाविकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
- बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नौकाविहार को रोचक और सुरक्षित बनाने के लिए की गई पहल- जयवीर सिंह
लखनऊ: अयोध्या में निरंतर बढ़ रही पर्यटक संख्या तथा सरयू नदी में नौकायन के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन से जुड़े हितधारकों, विशेषकर नाविकों के लिए तीन दिवसीय (15 से 17 जनवरी) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अयोध्या के होटल साकेत में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नाविकों को डिजिटल पेमेंट, स्टोरीटेलिंग, आपदा प्रबंधन, आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार आदि के लिए तैयार करना है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती आमद के बीच सरयू नदी पर सुरक्षित नौकायन की पहल की गई है। पर्यटन को भ्रमण तक सीमित न रखते हुए संस्कृति और सुरक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान (एमकेआईटीएम) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के संयुक्त सहयोग से 55 नाविकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षित नाविक अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत के सशक्त प्रतिनिधि के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में तेज़ी से विस्तार ले रहे वाटर टूरिज्म को सुरक्षित स्वरूप देने की दिशा में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लगातार ठोस कदम उठा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नाविकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नाविक पेशेवर सेवाएं प्रदान करने के साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान के सशक्त प्रतिनिधि के रूप में भी स्थापित हों। यह पहल नाविकों के कौशल विकास के साथ-साथ उनके सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूती प्रदान करती है।
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