Pratapgarh : गोंडा में अवैध बालू खनन पर बड़ी कार्रवाई, दिल्ली की फर्म पर 79.90 लाख रुपये का जुर्माना
यह फर्म अयोध्या बाईपास रिंग रोड निर्माण के लिए ग्राम दुर्गागंज में मिट्टी खनन की अनुमति थी, लेकिन कंपनी ने स्वीकृत क्षेत्र से बाहर नदी तल से बालू का अवैध खनन किया। पैमाइश में 18,600 व
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र में अवैध बालू खनन के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। उपजिलाधिकारी तरबगंज, हल्का लेखपाल और थानाध्यक्ष नवाबगंज की संयुक्त टीम ने जांच में पाया कि दिल्ली स्थित एम/एस सीगल इंडिया ने स्वीकृत शर्तों का उल्लंघन किया। यह फर्म अयोध्या बाईपास रिंग रोड निर्माण के लिए ग्राम दुर्गागंज में मिट्टी खनन की अनुमति थी, लेकिन कंपनी ने स्वीकृत क्षेत्र से बाहर नदी तल से बालू का अवैध खनन किया। पैमाइश में 18,600 वर्ग मीटर क्षेत्र में औसतन 1.10 मीटर गहराई तक कुल 20,460 घन मीटर बालू अवैध रूप से निकाला गया। यह बालू निर्माणाधीन रोड में इस्तेमाल हुआ।
यह कृत्य उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली का गंभीर उल्लंघन है और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 2/3 के तहत भी अपराध है। फर्म के अधिकृत प्रतिनिधि विकासमणि त्रिपाठी के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम 1957, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पहले भी नवंबर में इसी फर्म पर ग्राम तुलसीपुर माझा में अवैध मिट्टी खनन के लिए सात डम्पर और एक पोकलेन जब्त की गई थी। जुर्माना जमा होने के बावजूद फर्म ने फिर अपराध दोहराया। जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने कहा कि अवैध खनन पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। खान अधिकारी डॉ अभय रंजन ने बताया कि फर्म के चार अन्य परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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