'दोनों ही मुसलमानों को निशाना बनाते हैं और इनमें कोई फर्क नहीं', तेलंगाना में अकबरुद्दीन ओवैसी ने रेवंत रेड्डी की तुलना सीएम योगी से की।
तेलंगाना में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के फ्लोर लीडर अकबरुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए
तेलंगाना में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के फ्लोर लीडर अकबरुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए तीखे बयान दिए। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की तुलना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की और कहा कि दोनों ही मुसलमानों की संपत्तियों को निशाना बनाते हैं। अकबरुद्दीन ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ बुलडोजर से घरों को गिराते हैं जबकि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी भी घरों और मस्जिदों को ध्वस्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि योगी और रेड्डी में कोई अंतर नहीं है तथा बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही मुसलमानों के मुद्दों पर एकजुट हो जाते हैं। यह बयान 26 फरवरी को दिया गया जिसमें उन्होंने दावा किया कि दोनों पार्टियां मुसलमानों से वोट लेती हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करतीं। अकबरुद्दीन ने मुसलमानों की बदहाली के लिए कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनकी दुश्मनी मुसलमानों से है।
सभा में अकबरुद्दीन ने डेमोलिशन ड्राइव्स को चुनिंदा तरीके से मुस्लिम संपत्तियों पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण रोकने के नाम पर मस्जिदों और दरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को उदाहरण देते हुए उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की समान नीति पर सवाल उठाए। अकबरुद्दीन ने कहा कि जब मुसलमानों का मुद्दा आता है तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों एक हो जाते हैं जबकि अन्य मामलों में वे अलग-अलग दिखते हैं। उन्होंने मुसलमानों को चेतावनी दी कि वे अपनी ताकत दिखाएंगे और भविष्य में ऐसे फैसलों का जवाब देंगे। यह बयान तेलंगाना में हाल की कुछ डेमोलिशन घटनाओं के संदर्भ में आया जहां कुछ मस्जिदों और संपत्तियों पर कार्रवाई हुई थी।
बीजेपी ने अकबरुद्दीन के बयानों की कड़ी निंदा की। बीजेपी नेता एनवी सुभाष ने कहा कि ऐसे बयान जिम्मेदार नहीं हैं और अकबरुद्दीन का योगी आदित्यनाथ से तुलना करना गलत है। उन्होंने योगी को कंस्ट्रक्टिव बताया जो अपराधियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। सुभाष ने कहा कि अकबरुद्दीन का चयनित आक्रोश दिखता है क्योंकि वे केवल कुछ मुद्दों पर बोलते हैं। कांग्रेस ने भी ओवैसी पर पलटवार किया और उनके बयानों को राजनीतिक साजिश बताया। दोनों पार्टियों ने कहा कि अकबरुद्दीन मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं जबकि सरकारें कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही हैं। यह विवाद तेलंगाना की राजनीति में गर्माहट लाया जहां AIMIM मुस्लिम वोट बैंक पर मजबूत पकड़ रखती है।
इनसेट: अकबरुद्दीन ओवैसी ने सभा में कहा, "उधर योगी बुलडोजर से घर गिराते हैं, यहां रेड्डी भी घरों और मस्जिदों को गिरा रहा है। योगी और इस रेड्डी में कोई फर्क नहीं है। बीजेपी और कांग्रेस में भी कोई फर्क नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों के मुद्दे पर दोनों पार्टियां एकजुट हो जाती हैं।
अकबरुद्दीन के बयान के बाद उनके भाई और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी को इजरायल मुद्दे पर घेरा। असदुद्दीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा की आलोचना की और कहा कि यह फिलिस्तीन के समर्थन के खिलाफ है। उन्होंने गाजा में हो रही हिंसा को जेनोसाइड बताया और कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री पर वारंट होने के बावजूद गले मिलना भारत की पारंपरिक नीति के खिलाफ है। असदुद्दीन ने "जियोनिज्म मुर्दाबाद" का नारा लगाया और कहा कि भारत को फिलिस्तीन का साथ देना चाहिए। यह बयान अकबरुद्दीन के बयान के ठीक बाद आया जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई। असदुद्दीन ने कहा कि इजरायल एक रेसिस्ट देश है जहां यहूदियों और फिलिस्तीनियों के लिए अलग सड़कें हैं। यह विवाद तेलंगाना में मुस्लिम समुदाय की भावनाओं और राजनीतिक ध्रुवीकरण को दर्शाता है। अकबरुद्दीन ने कांग्रेस को मुसलमानों की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कांग्रेस ने वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने AIMIM को मुसलमानों का असली प्रतिनिधि बताया। बीजेपी ने इसे चुनिंदा आक्रोश कहा जबकि कांग्रेस ने AIMIM को बीजेपी की बी टीम करार दिया। यह घटना राज्य में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ा रही है।
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