दिल्ली हाई कोर्ट में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले में 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली शराब नीति मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष
- कोर्ट ने कहा- कोई व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा नहीं, सीबीआई की जांच पर सवाल
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली शराब नीति मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया गया। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने अपने 598 पेज के आदेश में कहा कि नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा नहीं पाई गई। कोर्ट ने सीबीआई की जांच को आलोचना की और कहा कि आरोप पत्र में केवल अनुमान और कथित साजिश पर आधारित था, ठोस सबूत नहीं थे। यह फैसला केजरीवाल के लिए बड़ी राजनीतिक जीत है क्योंकि उन्होंने मार्च 2024 में गिरफ्तारी के बाद कई महीने जेल में बिताए थे और यह मामला उनके राजनीतिक करियर पर गहरा प्रभाव डाल रहा था। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं पाया और सीबीआई के चार्जशीट को खारिज कर दिया।
कोर्ट के फैसले में स्पष्ट किया गया कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई रिश्वत लेने या देने का कोई दस्तावेजी या इलेक्ट्रॉनिक सबूत नहीं है। जज ने कहा कि नीति को मंजूरी देने से आपराधिक दायित्व नहीं बनता जब तक बेईमानी या प्रत्यक्ष लाभ का प्रमाण न हो। मनीष सिसोदिया के मामले में भी कोर्ट ने कहा कि अवैध लाभ की मांग या प्राप्ति का कोई प्रमाण नहीं मिला और वित्तीय लेनदेन का कोई सीधा या अप्रत्यक्ष ट्रेल नहीं पाया गया। अन्य आरोपियों में तेलंगाना की के कविता और विजय नायर जैसे नाम शामिल थे। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने साउथ ग्रुप जैसे टैग्स पर आधारित कथित साजिश बनाई लेकिन यह केवल कल्पना पर टिकी थी। फैसले में प्रक्रियागत खामियों और संवैधानिक सिद्धांतों के उल्लंघन का भी जिक्र किया गया।
फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और कोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने जजों का धन्यवाद किया। उन्होंने खुद को और मनीष सिसोदिया को कट्टर ईमानदार बताया और कहा कि सत्य की जीत हुई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला और कहा कि उन्होंने उन्हें कीचड़ उछाला लेकिन सच सामने आ गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को दिल्ली में चुनाव कराने की चुनौती दी और कहा कि यदि बीजेपी 10 से ज्यादा सीटें जीतती है तो वे राजनीति छोड़ देंगे। यह बयान AAP के लिए नई ऊर्जा लेकर आया क्योंकि पार्टी 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद कमजोर हुई थी। केजरीवाल ने परिवार के साथ जश्न मनाया और समर्थकों के साथ रोड शो भी किया।
इनसेट: कोर्ट के आदेश में जज ने कहा, "कभी-कभी जब फाइलें बहुत ज्यादा पढ़ते हो तो फाइलें आपसे बात करने लगती हैं।" उन्होंने सीबीआई की जांच को सट्टेबाजी पर आधारित बताया और कहा कि गंभीर आरोपों के लिए ठोस सामग्री जरूरी है, केवल कथित साजिश काफी नहीं।
समाजसेवी अन्ना हजारे ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए क्योंकि न्यायपालिका सर्वोच्च है। उन्होंने अपने गांव रालेगांव सिद्धि में पत्रकारों से कहा कि देश न्यायपालिका की ताकत पर चलता है और इसका सम्मान करना चाहिए। हजारे ने केजरीवाल और सिसोदिया को अपना पूर्व कार्यकर्ता बताया और कहा कि अब कोर्ट ने फैसला दे दिया है तो इसे मानना होगा। उन्होंने केजरीवाल को सलाह दी कि समाज और देश के लिए काम करें। हजारे ने पहले शराब नीति पर केजरीवाल की आलोचना की थी लेकिन अब न्यायिक फैसले का सम्मान करने पर जोर दिया।
यह फैसला सीबीआई केस में है लेकिन ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग केस अलग चल रहा है। कोर्ट ने सीबीआई चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया जिससे मुकदमा शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। डिस्चार्ज होने से आरोपियों पर मुकदमा नहीं चलेगा लेकिन अभियोजन पक्ष हाई कोर्ट में चुनौती दे सकता है और सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह मामला 2021-22 की दिल्ली शराब नीति से जुड़ा था जिसमें निजी रिटेलर्स को फायदा पहुंचाने का आरोप था लेकिन कोर्ट ने कहा कि नीति में कोई अपराध नहीं पाया गया। फैसले से AAP को राजनीतिक मजबूती मिली है खासकर पंजाब चुनाव से पहले जहां पार्टी सत्ता में है। केजरीवाल ने कहा कि यह झूठे आरोपों का अंत है और अब वे विकास कार्यों पर फोकस करेंगे। कई AAP नेता और समर्थक कोर्ट के बाहर जश्न मना रहे थे। यह घटना राजनीतिक मामलों में जांच एजेंसियों की भूमिका पर बहस छेड़ सकती है।
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