एक्टर राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया सरेंडर, छह महीने की सजा, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की राहत की अंतिम मांग। 

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने आज गुरुवार को तिहाड़ जेल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट के

Feb 6, 2026 - 12:38
 0  9344
एक्टर राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया सरेंडर, छह महीने की सजा, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की राहत की अंतिम मांग। 
एक्टर राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया सरेंडर, छह महीने की सजा, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की राहत की अंतिम मांग। 

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने आज गुरुवार को तिहाड़ जेल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने शाम चार बजे जेल सुपरिंटेंडेंट के समक्ष सरेंडर किया। कोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में सजा की अवधि बढ़ाने या सरेंडर की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था। राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर तिहाड़ जेल में सरेंडर किया। कोर्ट ने उनके खिलाफ चेक बाउंस मामलों में दोषसिद्धि संबंधी सरेंडर आदेश को वापस लेने से इनकार किया। दो फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था और चार फरवरी तक की समय सीमा दी थी। पांच फरवरी को अभिनेता अदालत में पेश हुए और सरेंडर की समय सीमा बढ़ाने की मांग की लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने तुरंत सरेंडर करने का निर्देश दिया जिसके बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। जेल सूत्रों के अनुसार सरेंडर शाम चार बजे हुआ और अब जेल प्रशासन मानक प्रक्रिया का पालन करेगा।

चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ कई शिकायतें थीं। मसूरी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने चेक बाउंस के आरोप लगाए थे। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अप्रैल 2018 में उन्हें दोषी ठहराया था। सेशंस कोर्ट ने मई 2024 में सजा को बरकरार रखा और छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई। कुल सात मामलों में प्रत्येक में एक करोड़ पैंतीस लाख रुपये की राशि चुकाने का निर्देश था। दिल्ली हाई कोर्ट ने जून 2024 में सजा निलंबित कर दी थी ताकि समझौता हो सके। अभिनेता ने अदालत में कई बार भुगतान की शर्तें मानी थीं लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। दो फरवरी 2026 को कोर्ट ने बार-बार भुगतान न करने पर सख्त रुख अपनाया और सरेंडर का आदेश दिया।

  • नौ करोड़ रुपये के बकाए पर राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा, समझौते की कोशिशें नाकाम रहीं

राजपाल यादव पर कंपनी का लगभग नौ करोड़ रुपये बकाया था। उन्होंने पहले दो डिमांड ड्राफ्ट कुल पचहत्तर लाख रुपये जमा किए थे लेकिन बाकी राशि नहीं चुकाई। अक्टूबर 2025 में कुछ राशि जमा की गई लेकिन कुल बकाया नौ करोड़ रुपये रह गया। उन्होंने दो करोड़ पचास लाख रुपये की किस्तों में चुकाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ। दो फरवरी को कोर्ट ने सरेंडर का आदेश दिया तो अभिनेता ने पचास लाख रुपये जुटाने का दावा किया और एक सप्ताह की मोहलत मांगी। चार फरवरी को दिल्ली पहुंचने में देरी का हवाला दिया गया लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। पांच फरवरी को अंतिम सुनवाई में पच्चीस लाख रुपये जमा करने और बाकी का शेड्यूल देने की पेशकश की गई लेकिन कोर्ट ने सरेंडर अनिवार्य बताया।

  • चेक बाउंस मामलों की मुख्य तथ्य

राजपाल यादव ने एक कंपनी से उधार ली गई राशि वापस करने के लिए कई चेक दिए थे। ये चेक बाउंस हो गए जिससे कई शिकायतें दर्ज हुईं। कुल सात मामलों में दोषसिद्धि हुई। प्रत्येक मामले में एक करोड़ पैंतीस लाख रुपये की देनदारी बताई गई। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अप्रैल 2018 में दोषसिद्धि दी। सेशंस कोर्ट ने मई 2024 में इसे बरकरार रखा और छह महीने की साधारण कैद की सजा दी। दिल्ली हाई कोर्ट ने जून 2024 में सजा निलंबित की ताकि भुगतान हो सके। अभिनेता ने अदालत में भुगतान की कई शर्तें मानीं लेकिन बार-बार उनका उल्लंघन किया। दो डिमांड ड्राफ्ट पचहत्तर लाख रुपये के जमा किए गए लेकिन बाकी राशि नहीं चुकाई गई। कुल बकाया नौ करोड़ रुपये बताया गया।

  • दिल्ली हाई कोर्ट के प्रमुख आदेश और टिप्पणियां

दो फरवरी 2026 को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने राजपाल यादव को सरेंडर करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि बार-बार भुगतान की शर्तें तोड़ने का आचरण निंदनीय है। चार फरवरी तक सरेंडर करने की समय सीमा दी गई। पांच फरवरी को अभिनेता ने सरेंडर की समय सीमा बढ़ाने की मांग की लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि कानून का पालन करने वालों को ही राहत मिलती है न कि उल्लंघन करने वालों को। अभिनेता को तुरंत तिहाड़ जेल सुपरिंटेंडेंट के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने पहले जमा राशि को शिकायतकर्ता कंपनी को रिलीज करने का भी आदेश दिया। सात फरवरी को अनुपालन के लिए मामला सूचीबद्ध किया गया।

राजपाल यादव ने कंपनी से उधार ली गई राशि के बदले चेक दिए थे लेकिन वे सभी बाउंस हो गए। कंपनी ने कई शिकायतें दर्ज कराईं जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अप्रैल 2018 में दोषसिद्धि दी थी जिसमें छह महीने की सजा का प्रावधान था। सेशन कोर्ट ने बाद में इसे बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने सजा निलंबन की अनुमति दी थी ताकि समझौता हो सके। अभिनेता ने वरिष्ठ वकीलों के माध्यम से अदालत में भुगतान की शर्तें मानीं लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। कई बार मोहलत मांगी गई लेकिन भुगतान नहीं हुआ। अक्टूबर 2025 में पचहत्तर लाख रुपये जमा किए गए लेकिन बाकी राशि बकाया रही। दो फरवरी 2026 को कोर्ट ने सख्ती दिखाई और सरेंडर आदेश दिया। अभिनेता ने पचास लाख रुपये जुटाने का दावा किया और अतिरिक्त समय मांगा लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया। चार फरवरी को दिल्ली पहुंचने में हुई देरी का कारण बताया गया लेकिन स्वीकार नहीं किया गया। पांच फरवरी को अंतिम प्रयास में पच्चीस लाख रुपये जमा करने और शेड्यूल देने की बात कही गई लेकिन कोर्ट ने कहा कि पहले सरेंडर करें फिर भुगतान पर विचार किया जाएगा। राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया।

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पेशे या पृष्ठभूमि के आधार पर विशेष परिस्थितियां नहीं बनाई जा सकतीं। कानून सभी के लिए समान है। अभिनेता के आचरण से कानून के प्रति कम सम्मान झलकता है। कोर्ट ने बार-बार कहा कि लंबी राहत देने से गलत संदेश जाएगा। शिकायतकर्ता कंपनी के हितों का भी ध्यान रखना जरूरी है। समझौते के लिए दी गई कई मौकों का फायदा नहीं उठाया गया। भुगतान की शर्तें तोड़ने से सजा निलंबन वापस लिया गया। कुल बकाया नौ करोड़ रुपये में से कुछ राशि जमा हुई लेकिन पूरी नहीं चुकाई गई। प्रत्येक मामले की देनदारी एक करोड़ पैंतीस लाख रुपये थी। सात मामलों में दोषसिद्धि हुई। जेल सरेंडर के बाद जेल प्रशासन आगे की प्रक्रिया करेगा।

Also Read- बॉर्डर 2 ने रिलीज के 12 दिनों में रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।