Sitapur : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर सीतापुर के रामनगर में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बाल मजदूरी रोकने की दिलाई शपथ
उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों से मजदूरी कराना एक गंभीर अपराध है। पहली बार इस कानून का उल्लंघन करने वाले नियोक्ता को छह महीने से लेकर दो साल तक की जेल या 20 हजार से 50 हजार रुपए तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं। यदि कोई दोबारा यह अपराध क
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर रामनगर सचिवालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से एक कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला जज और अध्यक्ष आशीष जैन के आदेश व प्राधिकरण के सचिव आलोक यादव के दिशा-निर्देश में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम के बुरे प्रभावों को बताना और बच्चों को पढ़ाई से जोड़ना था। कार्यक्रम में पीएलवी रहमत अंसारी ने बाल श्रम निषेध कानून की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम या मजदूरी कराना पूरी तरह से गैरकानूनी है। इसके साथ ही 14 से 18 साल के किशोरों को किसी भी जोखिम भरे या खतरनाक काम में नहीं लगाया जा सकता।
उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों से मजदूरी कराना एक गंभीर अपराध है। पहली बार इस कानून का उल्लंघन करने वाले नियोक्ता को छह महीने से लेकर दो साल तक की जेल या 20 हजार से 50 हजार रुपए तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं। यदि कोई दोबारा यह अपराध करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे एक से तीन साल तक की जेल की सजा का नियम है। कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्र उर्मिला ने उपस्थित लोगों को बाल श्रम के विरोध में शपथ दिलाई। उन्होंने आम जनता से अपील की कि कहीं भी बाल मजदूरी होती दिखाई दे तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1098, 112 या 15100 पर इसकी जानकारी दें। इस जागरूकता कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य संजय शुक्ला, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एलडी पाल सहित स्थानीय ग्राम प्रधान, शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर समाज को बाल श्रम से मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
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