शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, रामपुर में एंटी करप्शन टीम ने अमीन को रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा

शिकायत के अनुसार हसमुद्दीन ने बताया कि उनके शस्त्र लाइसेंस के रिन्यूअल प्रक्रिया में 'नो-ड्यूज' प्रमाण पत्र आवश्यक था, जिस पर अमीन को अपनी रिपोर्ट लगानी थी। अमीन ने इस काम

By INA News Desk
Mar 1, 2026 - 07:58
145 Views
शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, रामपुर में एंटी करप्शन टीम ने अमीन को रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा
शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, रामपुर में एंटी करप्शन टीम ने अमीन को रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की शाहाबाद तहसील में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने एक संग्रह अमीन को रंगे हाथों 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी अमीन की पहचान प्रेम शंकर तिवारी के रूप में हुई, जो तहसील में राजस्व विभाग के संग्रह अमीन के पद पर तैनात हैं। यह कार्रवाई 28 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे उनके सरकारी आवास पर की गई, जहां शिकायतकर्ता ने रिश्वत की राशि सौंपी थी। शिकायतकर्ता हसमुद्दीन पुत्र शमशुद्दीन, निवासी ग्राम जाहिदपुर थाना शाहाबाद ने आरोप लगाया था कि उनके शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए 'नो-ड्यूज' प्रमाण पत्र पर अमीन द्वारा अपनी रिपोर्ट लगाने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। टीम ने जाल बिछाकर योजना बनाई और रिश्वत की राशि को चिह्नित नोटों के रूप में सौंपा, जिसके बाद अमीन को पकड़ा गया। गिरफ्तारी के दौरान तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और टीम ने आरोपी को तहसील से घसीटकर बाहर ले जाया। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण है, जिसमें आम नागरिकों को सरकारी कामों के लिए रिश्वत देनी पड़ रही थी। टीम मुरादाबाद मंडल से आई थी और उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से ऑपरेशन पूरा किया।

शिकायत के अनुसार हसमुद्दीन ने बताया कि उनके शस्त्र लाइसेंस के रिन्यूअल प्रक्रिया में 'नो-ड्यूज' प्रमाण पत्र आवश्यक था, जिस पर अमीन को अपनी रिपोर्ट लगानी थी। अमीन ने इस काम के लिए पहले 15 हजार रुपये की मांग की और बार-बार दबाव बनाया। जब शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से संपर्क किया, तो टीम ने जांच शुरू की। टीम ने चिह्नित नोटों का इस्तेमाल किया और रिश्वत सौंपने के समय मौके पर पहुंचकर अमीन को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय रिश्वत की राशि अमीन के पास से बरामद हुई, जिससे मामला स्पष्ट हो गया। यह प्रमाण पत्र सरकारी कामों में महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि बिना 'नो-ड्यूज' के लाइसेंस रिन्यू नहीं होता और नागरिकों को परेशानी होती है। अमीन ने पद का दुरुपयोग करते हुए आम लोगों से अवैध वसूली की थी। टीम ने आरोपी को तत्काल हिरासत में लिया और आगे की जांच शुरू की। इस कार्रवाई से तहसील में कार्यरत अन्य कर्मचारियों में भी खलबली मच गई।

गिरफ्तारी के दौरान घटना ने तहसील परिसर में बड़ा हंगामा मचा दिया। अमीन को तहसील से घसीटकर बाहर ले जाया गया, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। टीम ने आरोपी को नंगे पैर ही वाहन में बिठाया और ले गई। इस दौरान अमीन के बेटे ने टीम से भिड़ंत करने की कोशिश की और विरोध जताया, लेकिन टीम ने स्थिति संभाल ली। पुलिस की मौजूदगी में आरोपी को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा है, जिसमें एंटी करप्शन टीम ने तेजी से कार्रवाई की। शिकायतकर्ता ने टीम की सराहना की, क्योंकि उनकी समस्या का समाधान हुआ और भ्रष्ट अधिकारी को सजा मिली। अमीन 57 वर्षीय हैं और लंबे समय से इस पद पर कार्यरत थे। उनकी गिरफ्तारी से राजस्व विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने की उम्मीद जगी है।

गिरफ्तारी के मुख्य बिंदु

  • आरोपी: प्रेम शंकर तिवारी, संग्रह अमीन, शाहाबाद तहसील
  • रिश्वत राशि: 15,000 रुपये (चिह्नित नोट)
  • कारण: शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 'नो-ड्यूज' प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट
  • समय: 28 फरवरी 2026, दोपहर 1:30 बजे
  • स्थान: सरकारी आवास, तहसील परिसर शाहाबाद
  • टीम: भ्रष्टाचार निवारण संगठन, मुरादाबाद मंडल

एंटी करप्शन टीम ने इस ऑपरेशन को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया, जिसमें शिकायत की जांच, जाल बिछाना और रंगे हाथ पकड़ना शामिल था। टीम ने आरोपी के घर पर छापेमारी की और रिश्वत स्वीकार करते समय मौके पर पहुंची। बरामद राशि को सबूत के रूप में जब्त किया गया। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम भी शामिल है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया और आगे की पूछताछ जारी है। यह कार्रवाई आम नागरिकों को प्रोत्साहन देती है कि वे भ्रष्टाचार की शिकायत करें, क्योंकि विभाग तेजी से कार्रवाई कर रहा है। शाहाबाद तहसील में ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आई हैं, लेकिन इस बार टीम की सतर्कता से सफलता मिली। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कदम राज्य स्तर पर सराहा जा रहा है।

रामपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है, और यह घटना उसकी मिसाल है। अमीन जैसे अधिकारी पद का दुरुपयोग करके लोगों से वसूली करते हैं, जिससे सरकारी काम प्रभावित होते हैं। शस्त्र लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण मामलों में रिश्वत मांगना गंभीर अपराध है। टीम ने हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से शिकायत प्राप्त की और तुरंत एक्शन लिया। गिरफ्तारी के बाद तहसील में कार्यालयों में सतर्कता बढ़ गई है। लोग अब बिना रिश्वत के काम कराने की उम्मीद कर रहे हैं। इस घटना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाई है। विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow