Agra: तेरह मोरी बांध के पुनरुद्धार की दिशा में कदम: टीटीज़ेड प्राधिकरण ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट।
Taj Trapezium Zone (TTZ) प्राधिकरण ने फतेहपुर सीकरी क्षेत्र स्थित तेरह मोरी बांध को जलसंचय के लिए पुनः कार्यशील
आगरा/फतेहपुर सीकरी। Taj Trapezium Zone (TTZ) प्राधिकरण ने फतेहपुर सीकरी क्षेत्र स्थित तेरह मोरी बांध को जलसंचय के लिए पुनः कार्यशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग, तृतीय मंडल आगरा से बांध की तकनीकी स्थिति का विस्तृत परीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
यह कदम क्षेत्र में गिरते भूजल स्तर, बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल भरे अंधड़ों की समस्या को देखते हुए उठाया गया है। यदि बांध को पुनः संचालित किया जाता है तो इससे न केवल भूजल पुनर्भरण होगा बल्कि Taj Mahal की धूल कणों से सुरक्षा में भी मदद मिल सकती है।
जल संचय और पर्यावरण सुधार के लिए अहम संरचना
फतेहपुर सीकरी क्षेत्र, जिसे राजस्थान से आने वाली धूल भरी हवाओं का “गेटवे” माना जाता है, में स्थित तेरह मोरी बांध मानसून के दौरान बड़ी मात्रा में जल संचय की क्षमता रखता है।
यह बांध खारी नदी के प्रवाह को नियंत्रित करता है और सामान्य वर्षा में भी पर्याप्त जलराशि प्राप्त करता है। लेकिन स्लीूस गेट लंबे समय से निष्क्रिय होने के कारण पानी ठहर नहीं पाता और बह जाता है।
पालिका अध्यक्ष ने जताई थी चिंता
Fatehpur Sikri नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शबनम इस्लाम ने 21 जनवरी 2026 को TTZ अध्यक्ष को पत्र लिखकर क्षेत्र में सूक्ष्म धूल कण (PM 2.5) के बढ़ते स्तर और उसके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई थी।
उन्होंने कहा कि यदि बांध में वर्षा जल का ठहराव सुनिश्चित किया जाए तो जलस्तर सुधार के साथ वायु गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।
अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेगा सिंचाई विभाग
टीटीज़ेड प्राधिकरण के निर्देश पर सिंचाई विभाग बांध को जलसंचय योग्य बनाने के लिए तकनीकी अध्ययन करेगा।
तेरह मोरी संरचना Archaeological Survey of India की आगरा सर्किल सूची में फतेहपुर सीकरी स्मारक समूह के अंतर्गत भी दर्ज है, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व भी स्पष्ट होता है।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई मांग
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने भी प्रदेश के सिंचाई मंत्री Swatantra Dev Singh को पत्र लिखकर बांध के गेटों की मरम्मत कराने और राजस्थान से जल डिस्चार्ज सुनिश्चित कराने की मांग की है।
उनके अनुसार बांध के कार्यशील होने से फतेहपुर सीकरी, अछनेरा और अकोला क्षेत्र के भूजल स्तर में बड़ा सुधार होगा और वृक्षारोपण प्रयासों को भी बल मिलेगा।
खनुआ बांध पर भी कार्रवाई की उम्मीद
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा ने उम्मीद जताई है कि तेरह मोरी बांध के साथ-साथ खनुआ बांध को भी जल्द कार्यशील बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, क्योंकि यह भी क्षेत्र में भूजल रिचार्ज की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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