Moradabad: सर्विस रोड की जमीन पर घमासान, मेयर और पीडब्ल्यूडी आमने-सामने; प्रभारी मंत्री की बैठक में गरमाया मामला। 

शहर के बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। विवाद की जड़ पंडित नंगला बाईपास पर प्रस्तावित

Mar 4, 2026 - 23:15
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Moradabad: सर्विस रोड की जमीन पर घमासान, मेयर और पीडब्ल्यूडी आमने-सामने; प्रभारी मंत्री की बैठक में गरमाया मामला। 
सर्विस रोड की जमीन पर घमासान, मेयर और पीडब्ल्यूडी आमने-सामने; प्रभारी मंत्री की बैठक में गरमाया मामला। 

मुरादाबाद। शहर के बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। विवाद की जड़ पंडित नंगला बाईपास पर प्रस्तावित सर्विस रोड की वह जमीन है, जहां भाजपा मेयर विनोद अग्रवाल के भाई की फैक्ट्री स्थित बताई जा रही है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का दावा है कि संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, इसलिए किसी प्रकार के मुआवजे का प्रश्न ही नहीं उठता। वहीं मेयर का कहना है कि जमीन उनकी पारिवारिक संपत्ति है और बिना मुआवजे के इसे नहीं दिया जाएगा।

  • समीक्षा बैठक में छाया रहा विवाद

शहर के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में यह मुद्दा केंद्र में रहा। प्रभारी मंत्री अनिल चौधरी की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। सूत्रों के अनुसार, मेयर इस विषय पर सार्वजनिक चर्चा नहीं चाहते थे, लेकिन मामला प्रमुखता से उठा और लंबी नोकझोंक चली।

  • क्या है पूरा मामला?

पंडित नंगला बाईपास पर बन रहे फ्लाईओवर के साथ सर्विस रोड का निर्माण प्रस्तावित है। प्रशासन का कहना है कि अन्य प्रभावित लोगों की जमीन पहले ही खाली कराई जा चुकी है। संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है, इसलिए मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है।
दूसरी ओर, मेयर विनोद अग्रवाल मुआवजे की मांग पर अड़े हैं। उनका आरोप है कि फ्लाईओवर की तकनीकी ड्राइंग तैयार करते समय उनसे राय नहीं ली गई। इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तकनीकी स्वीकृति के लिए मेयर की मंजूरी आवश्यक नहीं होती।

  • बैठक में आरोप-प्रत्यारोप

सूत्र बताते हैं कि बैठक के दौरान मेयर ने संबंधित अधिकारियों पर फोन न उठाने और उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने प्रभारी मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। इस पर मंत्री अनिल चौधरी की टिप्पणी भी चर्चा में आ गई। उन्होंने कहा कि शहर ने मेयर परिवार को कई बार जनप्रतिनिधित्व का अवसर दिया है, ऐसे में शहर के विकास के लिए थोड़ी सी जमीन बिना मुआवजे के देना बड़ी बात नहीं होनी चाहिए।

  • सियासी हलकों में बढ़ी हलचल

मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। मेयर के विरोधी इसे प्रदेश नेतृत्व के समक्ष मुद्दा बना रहे हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर भी खींचतान की स्थिति बनी हुई है। शहर के विकास से जुड़ी इस अहम परियोजना का भविष्य अब प्रशासनिक निर्णय और राजनीतिक सहमति पर टिका नजर आ रहा है। फिलहाल, सर्विस रोड निर्माण पर असमंजस कायम है और मुरादाबाद की जनता इस प्रोजेक्ट के समाधान का इंतजार कर रही है।

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