Saharanpur : सहारनपुर मंडल में सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, मंडलायुक्त ने कई योजनाओं पर दिए सख्त निर्देश
रूपेश कुमार ने कहा कि सभी विभाग विकास कार्यों की रैंकिंग को उच्च स्तर पर लाएं। ए रैंक वाले इसे बनाए रखें और बी, सी, डी रैंक वाले सुधार करें। आईजीआरएस पोर्टल पर प्रकरणों का
सहारनपुर। मंडलायुक्त रूपेश कुमार की अध्यक्षता में सर्किट हाउस सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों, कर-करेत्तर और राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। रूपेश कुमार ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत सभी विभागों के अधिकारी संबंधित स्टेकहोल्डर को जानकारी दें। योजना का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करें और पात्र युवाओं का पंजीकरण बढ़ाएं। योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों की बचत को बढ़ावा देना है। यह योजना पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को दो किस्तों में 15 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन देती है और नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी तीन हजार रुपये प्रति माह तक की मदद प्रदान करती है।
मंडलायुक्त ने छह से 14 वर्ष के बच्चों के लिए राइट टू एजुकेशन की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि लॉटरी में पहली बार असफल होने वाले छात्रों को दूसरा मौका दिया जाए। फीस की समय पर प्रतिपूर्ति हो और कोई पात्र बच्चा इससे वंचित न रहे। समुदाय आधारित जल संचयन और जन भागीदारी के कार्यों को बढ़ावा दें तथा पोर्टल पर अपडेट करें। उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन नियमावली 2020 के तहत खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और पदक विजेताओं को प्रोत्साहन देने के लिए तहसील स्तर पर खाते खोलने हेतु उपजिलाधिकारियों को पत्र भेजें। इससे मंडल स्तर पर प्रतियोगिताओं को गति मिले और खिलाड़ी प्रोत्साहित हों।
रूपेश कुमार ने कहा कि सभी विभाग विकास कार्यों की रैंकिंग को उच्च स्तर पर लाएं। ए रैंक वाले इसे बनाए रखें और बी, सी, डी रैंक वाले सुधार करें। आईजीआरएस पोर्टल पर प्रकरणों का समय पर और गुणवत्ता के साथ निपटान हो। समय सीमा के बाद कोई प्रकरण लंबित न रहे और शिकायतकर्ता से फीडबैक लें। शिकायतकर्ता की संतुष्टि मुख्य है, अधिकारी व्यक्तिगत रूप से देखें।
पीएम कुसुम योजना, मुख्यमंत्री आवास, जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी, पंचायती राज 15वां वित्त, पर्यटन विभाग, पीएम पोषण विद्यालय निरीक्षण, शादी अनुदान योजना, आईसीडीएस, युवा कल्याण के ग्रामीण स्टेडियम और ओपन जिम निर्माण, सेतु निर्माण, नई सड़कें, मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना, ओडीओपी टूल किट योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आदि में खराब रैंकिंग वाले जनपदों को अगले माह तक सुधारने के निर्देश दिए। मुख्यालय और मंडलीय डेटा में अंतर होने पर मुख्यालय से पत्राचार करें। पर्यटन विकास के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजें।
कर-करेत्तर और राजस्व प्राप्ति में आबकारी, परिवहन, वाणिज्यकर, खनन, मंडी और ऊर्जा विभाग लक्ष्य के अनुसार वसूली करें तथा बैकलॉग खत्म करें। वसूली प्रमाण पत्र के लिए अमीनवार कारगुजारियों की समीक्षा करें। गैर समेकित राजस्व विभागों को भी बैठक में बुलाएं। चकबंदी में लंबित वादों का जल्द निस्तारण करें। चकबंदी ग्रामों में ग्राम चौपाल लगाकर समस्याओं का समाधान करें। चकबंदी विभाग की ग्रामवार विस्तृत समीक्षा होली के बाद अलग से करें।
बैठक में जिलाधिकारी सहारनपुर मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी सहारनपुर सुमित राजेश महाजन, मुख्य विकास अधिकारी मुजफ्फरनगर कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, अपर आयुक्त प्रशासन रमेश यादव, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सहारनपुर सलिल कुमार पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शामली सत्येन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सहारनपुर राम आसरे वर्मा, संयुक्त विकास आयुक्त दुष्यंत कुमार सिंह, उप निदेशक पंचायत हरिकेश बहादुर तथा लोक निर्माण, सिंचाई, जल निगम, चिकित्सा सहित संबंधित विभागों के मंडल और जनपद स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।
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