Hapur : कांग्रेस कार्यालय में राजनीतिक विवाद, दो पदाधिकारियों को अनुशासनहीनता के कारण निकाला गया

पंडित शर्मा ने बताया कि हर साल 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शहादत दिवस नगर पालिका परिसर में गांधी प्रतिमा पर मनाया जाता है। लेकिन इस बार ये दोनों पदाधिका

Feb 28, 2026 - 22:04
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Hapur : कांग्रेस कार्यालय में राजनीतिक विवाद, दो पदाधिकारियों को अनुशासनहीनता के कारण निकाला गया
Hapur : कांग्रेस कार्यालय में राजनीतिक विवाद, दो पदाधिकारियों को अनुशासनहीनता के कारण निकाला गया

हापुड़ के दिल्ली रोड पर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निष्कासन के मुद्दे पर खुली बहस हुई। कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष और पूर्व धौलाना विधानसभा उम्मीदवार पंडित अरविंद शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि पूर्व कोषाध्यक्ष भरत लाल शर्मा और पूर्व उपाध्यक्ष विक्की शर्मा को यूजीसी विरोध के कारण नहीं बल्कि अनुशासन तोड़ने की वजह से कमेटी से हटाया गया है।

पंडित शर्मा ने बताया कि हर साल 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शहादत दिवस नगर पालिका परिसर में गांधी प्रतिमा पर मनाया जाता है। लेकिन इस बार ये दोनों पदाधिकारी तय कार्यक्रम में शामिल होने की बजाय यूजीसी विरोध में गए। विरोध खत्म होने के बाद भी वे गांधी कार्यक्रम में नहीं आए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांधीवादी सोच पर चलने वाली पार्टी है। जो खुद को सच्चा कांग्रेसी कहते हैं, उन्हें पार्टी के मुख्य कार्यक्रमों को पहले रखना चाहिए।

जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने साफ कहा कि 26 जनवरी से 25 फरवरी तक दोनों किसी भी कार्यक्रम में नहीं आए और संगठन की जिम्मेदारियां नहीं निभाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने शर्त रखी थी कि अगर शहर अध्यक्ष इरफान अहमद और एससी-एसटी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नरेश भाटी कार्यक्रम में रहेंगे तो वे नहीं आएंगे। इसे अनुशासन का उल्लंघन मानकर कमेटी से निकालने की कार्रवाई की गई। शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने कहा कि मतभेद बात से सुलझ सकते थे लेकिन फोन तक नहीं किया गया। व्यक्तिगत नाराजगी को घर तक रखना चाहिए, पार्टी स्तर पर नहीं लाना चाहिए।

निष्कासित पदाधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर यूजीसी विरोध को कारण बताने पर सवाल उठे। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह व्यक्तिगत तरीका हो सकता है लेकिन संगठन के तय कार्यक्रमों से दूरी को अनदेखा नहीं किया जा सकता। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टर वीसी शर्मा, अमरनाथ प्रधान, कपिल शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे। कुल मिलाकर कांग्रेस कार्यालय में इस राजनीतिक झगड़े ने साफ कर दिया कि संगठन में अनुशासन सबसे ऊपर है चाहे मुद्दा यूजीसी का हो या व्यक्तिगत असहमति का।

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