Ayodhya : अयोध्या में बृजभूषण शरण सिंह की बढ़ती सक्रियता, क्या फैजाबाद सीट पर वापसी की तैयारी?
बृजभूषण ने कैसरगंज को अपने बेटे करण भूषण सिंह को सौंप दिया है। करण ने 2024 में इस सीट से चुनाव जीता। अब परिवार दो मोर्चों पर फैल सकता है। बृजभूषण ने क
अयोध्या की राजनीति में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गतिविधियां तेज हो गई हैं। छह बार लोकसभा सांसद रह चुके बृजभूषण का कैसरगंज सीट से टिकट कटने के बाद अब फैजाबाद (अयोध्या) क्षेत्र में उनकी मौजूदगी बढ़ रही है। यह सिर्फ धार्मिक लगाव नहीं लगता, बल्कि राजनीतिक रणनीति का हिस्सा दिख रहा है। बृजभूषण ने कैसरगंज को अपने बेटे करण भूषण सिंह को सौंप दिया है। करण ने 2024 में इस सीट से चुनाव जीता। अब परिवार दो मोर्चों पर फैल सकता है। बृजभूषण ने कहा है कि अगर वे जिंदा रहे तो 2029 में चुनाव जरूर लड़ेंगे। उनकी पहली कोशिश भाजपा टिकट पर ही होगी, लेकिन अगर नहीं मिला तो भी चुनाव लड़ेंगे।
फैजाबाद लोकसभा सीट 2024 में भाजपा के लिए झटका रही। यहां लल्लू सिंह हार गए और सपा के अवधेश प्रसाद ने जीत हासिल की। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी भाजपा को यह सीट गंवानी पड़ी। एंटी इनकंबेंसी, स्थानीय मुद्दे और अन्य कारणों से हार हुई। बृजभूषण अयोध्या में महंतों से पुराने रिश्ते, सरयू आरती जैसे कार्यक्रमों और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में हिस्सा ले रहे हैं। होर्डिंग्स और जन्मदिन जैसे आयोजन उनकी दृश्यता बढ़ा रहे हैं। यह सब संदेश दे रहा है कि वे क्षेत्र में स्वीकार्य हैं।
भाजपा के लिए यह फैसला आसान नहीं। बृजभूषण जनाधार और संसाधन लाते हैं, लेकिन विवाद भी। पार्टी को फैसला करना होगा कि स्थिरता चाहिए या आक्रामकता। 2029 की लड़ाई की तैयारी अब से दिख रही है और अयोध्या इसका केंद्र बन सकता है।
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