पंजाब में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप: लोहड़ी की रौनक फीकी, विजिबिलिटी शून्य के करीब, सड़कों पर हेडलाइट्स जलाकर सफर। 

पंजाब में जनवरी 2026 की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर जारी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री

By INA News Desk
Jan 13, 2026 - 13:56
327 Views
पंजाब में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप: लोहड़ी की रौनक फीकी, विजिबिलिटी शून्य के करीब, सड़कों पर हेडलाइट्स जलाकर सफर। 
पंजाब में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप: लोहड़ी की रौनक फीकी, विजिबिलिटी शून्य के करीब, सड़कों पर हेडलाइट्स जलाकर सफर। 
Advertisement
Advertisement

पंजाब में जनवरी 2026 की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर जारी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है जबकि कई जिलों में यह 3-4 डिग्री तक गिर गया है। मौसम विभाग ने पंजाब के ज्यादातर जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है जिसमें घना से बहुत घना कोहरा होने की चेतावनी दी गई है। सुबह के समय कोहरे की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है और कई जगहों पर यह 50 मीटर से भी कम रह जाती है।

पठानकोट सहित पूरे पंजाब में यह स्थिति लगातार बनी हुई है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है जिससे सड़कों पर दृश्यता बहुत कम हो जाती है। वाहन चालकों को हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स जलाकर सफर करना पड़ रहा है। कोहरे की वजह से सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इस ठंड और कोहरे ने लोहड़ी के त्योहार पर भी असर डाला है। लोहड़ी 13 जनवरी 2026 को मनाई जा रही है जो पंजाब में एक प्रमुख फसल उत्सव है। त्योहार में आमतौर पर खुले मैदानों में अलाव जलाए जाते हैं, गीत-संगीत और नाच-गाना होता है लेकिन घने कोहरे की वजह से उत्सव की रौनक फीकी पड़ गई है। लोग पारंपरिक रूप से अलाव के इर्द-गिर्द इकट्ठा होकर उत्सव मनाते हैं लेकिन इस बार सुबह से शाम तक कोहरा छाया रहने से खुले में उत्सव मनाना मुश्किल हो रहा है।

अमृतसर में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह के समय घना कोहरा होने से सड़क यातायात और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो रहा है। लोहड़ी से पहले पतंग उड़ाने वाले युवा और उत्साही लोग साफ आसमान की प्रतीक्षा कर रहे हैं लेकिन मौसम की वजह से पतंगबाजी भी प्रभावित हो रही है। व्यापारी लोहड़ी से जुड़ी वस्तुओं जैसे गुड़, मूंगफली, रेवड़ी और पॉपकॉर्न की बिक्री कर रहे हैं लेकिन कोहरे ने उत्साह कम कर दिया है।

पंजाब सरकार ने ठंड की तीव्रता को देखते हुए स्कूलों की सर्दियों की छुट्टियां लोहड़ी तक बढ़ा दी हैं। सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 13 जनवरी तक बंद रहेंगे और 14 जनवरी से खुलेंगे। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है क्योंकि घना कोहरा और कम तापमान स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे रहने से लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में घना कोहरा रात और सुबह के समय विशेष रूप से छाया रहता है। जनवरी 10 से 14 तक के पूर्वानुमान में अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी है जबकि कुछ जगहों पर ऑरेंज अलर्ट भी है। फतेहगढ़ साहिब, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और बठिंडा जैसे जिलों में कोहरा बहुत घना रह रहा है। विजिबिलिटी कई जगहों पर शून्य के करीब पहुंच गई है जिससे हाईवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा जोखिम भरी हो गई है। पठानकोट में भी स्थिति समान है जहां न्यूनतम तापमान 6-7 डिग्री के आसपास रह रहा है लेकिन कोहरा सुबह के समय बहुत घना होता है। मौसम विभाग ने पठानकोट में लोहड़ी के बाद बारिश की संभावना जताई है लेकिन फिलहाल ठंड और कोहरा जारी रहेगा। लोहड़ी के दौरान रात का तापमान और कम होने की उम्मीद है जिससे अलाव जलाने का महत्व बढ़ जाता है लेकिन कोहरे से खुले में इकट्ठा होना चुनौतीपूर्ण है।

उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी समान स्थिति है लेकिन पंजाब में कोहरा और ठंड का संयोजन विशेष रूप से प्रभावी है। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, घर के अंदर रहने और यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है क्योंकि ठंड से संबंधित बीमारियां बढ़ सकती हैं। पंजाब में यह ठंडी लहर उत्तर भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित कर रही है जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे है। कोहरे की वजह से ट्रेनों और फ्लाइट्स में देरी की खबरें भी आ रही हैं। लोहड़ी जैसे उत्सव में पारंपरिक रूप से खुले में अलाव और नाच-गाना होता है लेकिन इस बार मौसम ने इसे सीमित कर दिया है। लोग घरों में छोटे अलाव या इंडोर उत्सव मना रहे हैं।

Also Read- Lucknow: ग्राम चौपाल में उपमुख्यमंत्री ने 'विकसित भारत-जी.रामजी' अधिनियम - 2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों तथा लाभों की दी जानकारी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement