Mussoorie : मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग पर विवाद बढ़ा, पालिका अध्यक्ष ने कंपनी को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया
जांच में पाया गया कि यह मार्ग लंबे समय से सार्वजनिक रास्ता रहा है जहां स्थानीय और पर्यटक आते-जाते हैं। मीरा सकलानी ने कहा कि यह आम रास्ता है और इसे निजी बताकर रोकना
रिपोर्ट : सुनील सोनकर
मसूरी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जॉर्ज एवरेस्ट तक जाने वाले मार्ग को लेकर विवाद तेज हो गया है। स्थानीय लोग, संघर्ष समिति और कंपनी प्रबंधन आमने-सामने हैं। कंपनी पर आरोप है कि वह सार्वजनिक रास्ते पर रोक लगाकर पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अवैध शुल्क वसूल रही है।
रविवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी पालिका अधिकारियों, सभासदों और संघर्ष समिति सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जॉर्ज एवरेस्ट गेट पर तैनात निजी सुरक्षा गार्डों ने अध्यक्ष, अधिकारियों और मीडिया कर्मियों को अंदर जाने से रोका। मीडिया कर्मियों के साथ अभद्रता की भी कोशिश हुई जिससे तनाव बढ़ गया। अध्यक्ष के हस्तक्षेप से स्थिति संभली और जांच संभव हुई।
जांच में पाया गया कि यह मार्ग लंबे समय से सार्वजनिक रास्ता रहा है जहां स्थानीय और पर्यटक आते-जाते हैं। मीरा सकलानी ने कहा कि यह आम रास्ता है और इसे निजी बताकर रोकना या शुल्क लेना कानून के खिलाफ है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन, पर्यटन विभाग और उच्च अधिकारियों से दस्तावेजों के आधार पर बात करने की बात कही और 10 दिन का समय दिया। तय समय में रास्ता नहीं खोला गया और शुल्क बंद नहीं हुआ तो नगर पालिका सख्त कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ी तो मार्ग को प्रशासनिक स्तर पर बंद भी किया जा सकता है।
मीरा सकलानी ने उच्च न्यायालय के पुराने आदेशों का अध्ययन करने की बात कही। पर्यटन विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि भूमि हस्तांतरण के समय कंपनी को किसी सार्वजनिक मार्ग का अधिकार नहीं दिया गया था जिससे पालिका का पक्ष मजबूत है। सभासद जसवीर कौर और संघर्ष समिति सदस्य भगत सिंह कठैत ने कंपनी पर हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 10 दिन में रास्ता नहीं खोला गया तो आंदोलन तेज होगा और अदालत में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
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