उत्तर प्रदेश में तकनीक से सशक्त शिक्षा: डिजिटल स्मार्ट कक्षाओं का शुभारंभ, सरकारी स्कूल अब होंगे स्मार्ट और डिजिटल।
उत्तर प्रदेश सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग प्रदेश में तकनीक आधारित शिक्षा को सशक्त करने तथा डिजिटल उत्तर प्रदेश के विजन को साकार
- सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की पहल से उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को नई गति
- डिजिटल उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदमः आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने किया स्मार्ट कक्षाओं का शुभारंभ
- 400 सरकारी विद्यालयों में 460 डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं, हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा तकनीक आधारित शिक्षण का लाभ
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग प्रदेश में तकनीक आधारित शिक्षा को सशक्त करने तथा डिजिटल उत्तर प्रदेश के विजन को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठा रहा है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, उत्तर प्रदेश सरकार सुनील कुमार शर्मा ने गाजियाबाद में सरकारी विद्यालयों के लिए डिजिटल स्मार्ट कक्षाओं का शुभारंभ किया।
यह पहल मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड द्वारा अपनी प्रमुख कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल ‘काइंडकेयर’ के अंतर्गत तथा सीड्स इम्पैक्ट के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में समावेशी, गुणवत्तापूर्ण एवं तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
इस अवसर पर माननीय मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के अधिकतम उपयोग को लेकर प्रतिबद्ध है। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के माध्यम से राज्य के सरकारी विद्यालयों में डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं छात्रों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नवाचार और आधुनिक ज्ञान से जोड़ने का कार्य करेंगी।
डिजिटल स्मार्ट कक्षा पहल के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 400 सरकारी विद्यालयों को लक्षित किया गया है, जिनमें अब तक 460 डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं संचालित की जा चुकी हैं। इन कक्षाओं के माध्यम से हजारों छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम आधारित ऑडियो-विजुअल शिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ‘के-यान’ जैसे आधुनिक डिजिटल उपकरणों के माध्यम से विषयों को सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की समझ और सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक 2400 से अधिक शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण उपकरणों के प्रभावी उपयोग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में व्यावहारिक अभ्यास, कक्षा अनुकरण तथा सतत तकनीकी सहयोग शामिल है, जिससे डिजिटल शिक्षा का दीर्घकालिक और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, उत्तर प्रदेश सरकार सुनील कुमार शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शीतल अरोड़ा, सीड्स इम्पैक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. पुरुषोत्तम, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल को उत्तर प्रदेश में डिजिटल, समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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