बांग्लादेश अदालत ने शेख हसीना और 285 अन्य पर राजद्रोह मामले में 21 जनवरी 2026 को आरोप तय करने की तारीख निर्धारित। 

ढाका की एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 285 अन्य आरोपियों के खिलाफ राजद्रोह के मामले में आरोप तय करने की सुनवाई के लिए

By INA News Desk
Jan 6, 2026 - 14:56
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बांग्लादेश अदालत ने शेख हसीना और 285 अन्य पर राजद्रोह मामले में 21 जनवरी 2026 को आरोप तय करने की तारीख निर्धारित। 
बांग्लादेश अदालत ने शेख हसीना और 285 अन्य पर राजद्रोह मामले में 21 जनवरी 2026 को आरोप तय करने की तारीख निर्धारित। 

ढाका की एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 285 अन्य आरोपियों के खिलाफ राजद्रोह के मामले में आरोप तय करने की सुनवाई के लिए 21 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। यह फैसला 5 जनवरी 2026 को ढाका स्पेशल जज कोर्ट-9 के जज अब्दुस सलाम द्वारा सुनवाई के बाद लिया गया। मामले में कुल 286 आरोपी हैं जिसमें शेख हसीना शामिल हैं और इनमें से 258 आरोपी अभी भी फरार हैं। यह मामला दिसंबर 2024 में 'जॉय बांग्ला ब्रिगेड' नामक समूह की एक वर्चुअल बैठक से जुड़ा है जिसमें शेख हसीना और अवामी लीग के कई सदस्यों ने भाग लिया था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इस बैठक में अंतरिम सरकार को उखाड़ फेंकने और उसे अस्थिर करने की साजिश रची गई। बैठक 19 दिसंबर 2024 को जूम के माध्यम से हुई थी और इसमें अवामी लीग के अमेरिकी इकाई के उपाध्यक्ष डॉ रब्बी आलम के नेतृत्व में एंटी-स्टेट टिप्पणियां की गईं तथा अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस को हटाने के निर्देश दिए गए।

'जॉय बांग्ला ब्रिगेड' अवामी लीग का समर्थक समूह है जो शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान की विरासत से जुड़ा है। आरोप है कि बैठक में नागरिक युद्ध छेड़कर शेख हसीना को फिर से प्रधानमंत्री बनाने की योजना बनाई गई। मामला मार्च 2025 में सीआईडी के सहायक पुलिस अधीक्षक मोहम्मद एनामुल हक द्वारा दर्ज किया गया था जिसमें शुरू में शेख हसीना और 72 अन्य शामिल थे। बाद में इसमें और आरोपी जोड़े गए। अदालत ने चार्जशीट 14 अगस्त को स्वीकार की और आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए। 11 सितंबर को यात्रा प्रतिबंध लगाया गया जबकि 14 अक्टूबर 2025 को अदालत ने अखबारों में नोटिस प्रकाशित करने का आदेश दिया ताकि फरार आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए कहा जाए। नवंबर 2025 में मामले को ट्रायल के लिए तैयार मानते हुए ढाका मेट्रोपॉलिटन सेशंस जज कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था।

शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत चली गईं। 5 अगस्त 2024 को वे देश छोड़कर गईं और उसके तीन दिन बाद 8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में पदभार संभाला। शेख हसीना पिछले साल नवंबर में एक विशेष ट्रिब्यूनल द्वारा छात्र विरोध प्रदर्शनों पर उनकी सरकार की क्रूर कार्रवाई के लिए 'क्राइम्स अगेंस्ट ह्यूमैनिटी' के तहत अनुपस्थित में मौत की सजा सुनाई गई थी। इस राजद्रोह मामले में प्रमुख आरोपी में पूर्व सांसद सबीना अख्तर तुहीन, डॉ रब्बी आलम, कबीरुल इस्लाम, एडवोकेट कमरुल इस्लाम, इलाही नवाज मासूम, जाकिर हुसैन जिकू, प्रोफेसर ताहेरुज्जमान, एकेएम अख्तरुज्जमान, अजीदा परवीन पाखी, एडवोकेट एएफएम दिदारुल इस्लाम, मक्सुदुर रहमान, पूर्व सांसद सैयदा रुबीना अख्तर, पंकज नाथ, लैला बानू, बांग्लादेश छात्र लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन, रितु अख्तर, नूरुन्नबी निबिर, सबीना बेगम और शरीफुल इस्लाम रमजान शामिल हैं। जांच अभी जारी है और अधिकांश आरोपी फरार होने के कारण अदालत प्रक्रिया में चुनौतियां आ रही हैं।

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