Special: रामगोपाल यादव का संगीत सोम पर तीखा पलटवार- शाहरुख खान को 'गद्दार' कहने पर सपा नेता ने बीजेपी नेता को लेकर कही ये बात।
उत्तर प्रदेश के इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने बीजेपी नेता संगीत सिंह सोम पर तीखा हमला बोला
By- Sukhmaal Jain (वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी)
उत्तर प्रदेश के इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने बीजेपी नेता संगीत सिंह सोम पर तीखा हमला बोला। यह हमला संगीत सोम के उस बयान पर था, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के मुद्दे पर चुप्पी साधने और आईपीएल में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स टीम में शामिल करने के लिए 'गद्दार' कहा था। संगीत सोम ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था कि एक तरफ बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, वहीं शाहरुख खान ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को करोड़ों में खरीदा है। उन्होंने कहा था कि जो कोई देश के खिलाफ गद्दारी करता है, वह गद्दार कहलाएगा और शाहरुख खान भी अगर गद्दारी करेंगे तो उन्हें गद्दार ही कहा जाएगा। रामगोपाल यादव ने इटावा में इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि संगीत सोम ने तो हमें भी गद्दार बताया था। उन्होंने आगे कहा कि संगीत सोम जैसे लोगों का नाम लेने की भी जरूरत नहीं है, उनकी हैसियत नहीं है कि ग्राम प्रधान बन जाएं, एक बार धोखे से विधायक हो गए थे। रामगोपाल यादव का यह बयान संगीत सोम की राजनीतिक हैसियत पर सीधा प्रहार था। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग को और तेज कर रही है, जहां दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर व्यक्तिगत और राजनीतिक हमले कर रहे हैं।
संगीत सोम का मूल बयान मेरठ के दौराला क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया था। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों का जिक्र करते हुए शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स टीम द्वारा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल नीलामी में खरीदने पर आपत्ति जताई थी। सोम ने कहा था कि ऐसे खिलाड़ियों को भारत में खेलने नहीं दिया जाएगा और शाहरुख खान जैसे लोगों को समझना चाहिए कि उनका मुकाम देश की जनता ने दिया है। उन्होंने शाहरुख को देश के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया था।
रामगोपाल यादव ने इटावा में अपने संबोधन में इस बयान को आधार बनाकर संगीत सोम पर पलटवार किया। उन्होंने संगीत सोम की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे लोगों की कोई हैसियत नहीं है। यादव का बयान समाजवादी पार्टी की ओर से बीजेपी के नेताओं के बयानों पर जवाबी कार्रवाई का हिस्सा था। यह जुबानी जंग उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल को गरमा रही है, जहां विभिन्न मुद्दों पर दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमले कर रही हैं। संगीत सोम पूर्व में सरधना विधानसभा से विधायक रह चुके हैं और बीजेपी के फायरब्रांड नेताओं में गिने जाते हैं। उनका बयान बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर अत्याचारों के संदर्भ में था, जहां उन्होंने शाहरुख खान की टीम के फैसले को देश की भावनाओं के खिलाफ बताया था। रामगोपाल यादव समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में सक्रिय हैं। उनका इटावा में दिया गया बयान संगीत सोम के बयान का सीधा जवाब था।
यह विवाद आईपीएल नीलामी से जुड़ा है, जहां कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा था। संगीत सोम ने इसे बांग्लादेश में चल रहे घटनाक्रम से जोड़कर शाहरुख खान पर निशाना साधा था। रामगोपाल यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संगीत सोम की योग्यता पर सवाल उठाए। दोनों नेताओं के बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में चल रही तीखी बहस का हिस्सा हैं। रामगोपाल यादव का बयान इटावा में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया था। उन्होंने संगीत सोम के पुराने बयानों का भी जिक्र किया, जिसमें सोम ने समाजवादी पार्टी या उसके नेताओं को गद्दार कहा था। यादव ने कहा कि ऐसे लोगों का नाम लेना भी जरूरी नहीं है। यह बयान राजनीतिक पलटवार का उदाहरण था।
संगीत सोम का बयान मेरठ में एक जनसभा में दिया गया था, जहां उन्होंने बांग्लादेश के मुद्दे पर शाहरुख खान की चुप्पी और टीम के फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि देश के गद्दारों को समझना चाहिए कि उनका सब कुछ देश की जनता से मिला है। रामगोपाल यादव ने इस पर जवाब देते हुए संगीत सोम की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी की। यह घटना दिसंबर 2025 के अंत और जनवरी 2026 की शुरुआत में हुई। संगीत सोम का बयान 31 दिसंबर 2025 के आसपास का था, जबकि रामगोपाल यादव का पलटवार 3 या 4 जनवरी 2026 को इटावा में हुआ। दोनों बयान राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बने।
उत्तर प्रदेश में ऐसे बयानों से राजनीतिक तनाव बढ़ता है। संगीत सोम बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और रामगोपाल यादव सपा के प्रमुख चेहरों में से एक। उनका यह आदान-प्रदान दोनों पार्टियों के बीच चल रही जुबानी जंग को दर्शाता है। रामगोपाल यादव ने संगीत सोम को ग्राम प्रधान बनने की हैसियत न होने की बात कही और कहा कि वे धोखे से एक बार विधायक बने थे। यह बयान संगीत सोम की राजनीतिक यात्रा पर था। संगीत सोम ने शाहरुख खान को गद्दार कहकर विवाद पैदा किया था। यह विवाद बॉलीवुड और खेल को राजनीति से जोड़ने का उदाहरण है। रामगोपाल यादव का बयान सपा की ओर से जवाब था। दोनों पक्षों के बयान मीडिया में चर्चित रहे। इटावा में रामगोपाल यादव का कार्यक्रम था, जहां उन्होंने यह बयान दिया। संगीत सोम का बयान मेरठ में था। यह उत्तर प्रदेश की राजनीति का हिस्सा है।
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