Sitapur: मौन व्रत में नैमिषारण्य पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, मां ललिता देवी के किए दर्शन; गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग।
महाराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सीतापुर नैमिषारण्य तीर्थ पहुंचने से पूर्व मौन व्रत का पालन कर रहे थे तो वहीं उनके सानिध्य
रिपोर्ट: सुरेंद्र मोठी INA NEWS
नैमिषारण्य/सीतापुर: महाराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सीतापुर नैमिषारण्य तीर्थ पहुंचने से पूर्व मौन व्रत का पालन कर रहे थे तो वहीं उनके सानिध्य में आए उनके शिष्यों ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नैमिषारण्य तीर्थ क्षेत्र ऋषि मुनियों की ज्ञान और धर्म की भूमि स्थली रही हैं उन्होंने कहा कि यहां आया हुआ व्यक्ति व श्रद्धालु अपने कर्मों से ही पुण्य और पाप अर्जित करता है।
उन्होंने नैमिषारण्य को पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए यह भी कहा कि यह क्षेत्र अरण्यवन की भूमि के रूप में भी जाना जाता है, जिसका उल्लेख कई वैद्यों ओर ग्रंथों में लिखा हुआ मिलता है। उन्होंने गौरक्षा के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लखनऊ में होने वाली गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिय जो धर्मसभा होने जा रही हैं उस धर्मसभा में सभी से सम्मिलित होने का आवाहन किया। इससे पूर्व उन्होंने आदिशक्ति मां ललिता देवी के दर्शन पश्चात चक्रतीर्थ पर होने वाली आरती में सहभागीदारी निभाई।
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